इंदौर की सेंट्रल जेल में इन दोनों अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है जहां कैदियों में मानसिक सुधार के लिए व उनके विचारों की शुद्धि के लिए भागवत ज्ञान गंगा का आयोजन किया जा रहा है पिछले 7 दिनों से चल रही इस कथा का आज समापन होगा।
इंदौर सेंट्रल जेल में कई संगीन अपराधों में बंद कैदियों के मानसिक सुधार व विचारों में शुद्धता लाने के लिए जेल विभाग द्वारा भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है इस कथा का उद्देश्य जेल में बंद उन कैदियों के विचारों को शुद्ध करना है जो कई संगीन अपराध करके इस जेल में आए हैं वह अपने पापों की सजा भुगत रहे हैं रुपेश व्यास के मुखारविंद से भागवत ज्ञान गंगा इन कैदियों को सुनाई जा रही है पिछले 7 दिनों से चल रही इस कथा का आज समापन होगा
वहीं जेल अधीक्षक राकेश बांगरे ने बताया कि जेल में हर वर्ष कथा का आयोजन किया जाता है कोरोना काल के बाद यह पहला आयोजन जेल विभाग द्वारा कराया जा रहा है जिसका आज अंतिम दिवस है पिछले वर्ष भी इस तरह की कथा का आयोजन करवाया गया था देशव्यापी महामारी का असर हमारी जेल पर भी देखने को मिला था हमारी जेल में भी 80 से अधिक कैदी संक्रमित हुए थे कई कैदी काफी गंभीर स्थिति में भी पहुंचे लेकिन ईश्वर की कृपा से किसी तरह का हताहत नहीं हुआ वही इन कैदियों की सोच को परिवर्तित करने के लिए पॉजिटिव वातावरण बनाने के लिए हमारे द्वारा इस तरह की कथा का आयोजन किया जा रहा है
राकेश भांगरे,जेल अधीक्षक


