- जिस कंपनी को यह डाटा दिया गया, दस्तावेजों में उसका नाम ग्लोबल रिसोर्स सिस्टम्स एलएलसी दर्ज है
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव हारने और उनके पद छोड़ने के दौरान कई नाटकीय और आश्चर्यजनक घटनाएं दुनिया ने देखी थीं। उस दौरान कुछ ऐसा भी हुआ जो इंटरनेट इतिहास की सबसे बड़ी गुत्थी बन गया।
दरअसल, जिस दौरान जो बाइडेन की शपथ हो रही थी और ट्रंप राष्ट्रपति पद से विदा होने के अंतिम क्षणों में थे उसी वक्त अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने रहस्यमयी कंपनी को 17.5 करोड़ इंटरनेट एड्रेस ट्रांसफर कर दिए थे। यह दुनिया के कुल इंटरनेट एड्रेस का चार फीसदी है। इसकी कीमत करीब 30 हजार करोड़ रुपए है।
जिस कंपनी को यह डाटा दिया गया, दस्तावेजों में उसका नाम ग्लोबल रिसोर्स सिस्टम्स एलएलसी दर्ज है। फ्लोरिडा स्टेट के रिकॉर्ड के अनुसार, पहली बार कंपनी अक्टूबर 2020 में दर्ज की गई। एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस छद्म कंपनी ने कैलिफोर्निया का जो पता दिया उस पर इसका कोई प्रतिनिधि नहीं मिला। यही नहीं उस पते पर कोई बिजनेस लाइसेंस भी है। कंपनी ने मीडिया के किसी फोन या मेल का जवाब नहीं दिया और न ही उसका कोई वेबपेज अस्तित्व में है।
इस कंपनी से जुड़े जिस एकमात्र व्यक्ति रेमांड साउलिनो के बारे में फ्लोरिडा रजिस्ट्री से सुराग मिल सका है, उसका नाम नेवादा कॉर्पोरेट रिकॉर्ड में 2018 में फोरेंसिक साइबर स्पेस-इंटरनेट सर्विलांस इक्यूपमेंट कंपनी के मैनेजिंग मेंबर के रूप में सूचीबद्ध है। हालांकि इससे संपर्क करने की भी कोशिश सफल नहीं हो सकीं। लगातार फोन करने के बावजूद दूसरी ओर से ऑटोमेटेड रिप्लाई ही मिला।
जिसे 30 हजार करोड़ का डेटा दिया उसके पते पर कोई नहीं
- कैलिफोर्निया की कंपनी ग्लोबल रिसोर्स सिस्टम्स ने न फोन का जवाब दिया न मेल का, वेबपेज भी नहीं है
- पेंटागन ने कहा- यह कमियों के आंकलन का पायलट प्रोजेक्ट, पर कंपनी यही क्यों चुनी नहीं बता सके
अक्टूबर 2020 में वजूद में आई कंपनी को इतना स्पेस
अब इस कंपनी के नियंत्रण में कॉमकास्ट और एटीएंडटी जैसे सबसे बड़े इंटरनेट प्रदाताओं से ज्यादा स्पेस है। रक्षा विभाग के प्रवक्ता ने कहा, यह आईपी एड्रेस का अनधिकृत उपयोग रोकने उसका आकलन के लिए प्रचार का पायलट प्रोजेक्ट था। प्रवक्ता इस बात का जवाब नहीं दे सके कि जिस कंपनी का सितंबर, 2020 तक अस्तित्व नहीं था उसे इतने बड़े स्पेस को मैनेज करने के लिए क्यों चुना गया?
पेंटागन ने ट्रांसफर किया स्पेस उसके इस्तेमाल से दो गुना
नेटवर्क संचालक कंपनी केंटिक के निदेशक डग मैडोरी कहते हैं, यह इंटरनेट इतिहास की सबसे बड़ी व रहस्यमय घटना है। पेंटागन ने जो स्पेस ट्रांसफर किया वह उसका दोगुना है जो वह खुद इस्तेमाल करता है। 20 जनवरी को बाइडेन की शपथ के दिन इंटरनेट के वैश्विक रूट पर एक कंपनी ने यह जानकारी दी। एएस8003 नाम की ईकाई ने घोषणा की कि रक्षा विभाग के स्वामित्व वाला अनयूज्ड आईपीवी4 इंटरनेट स्पेस अब उसका है।
