कलेक्टर मनीष सिंह ने बैठक के बाद मीडिया से चर्चा में बताया कि जल्द भिखारी मुक्त होगा इंदौर, सांसद-कलेक्टर के बीच बैठक में बना ब्लू प्रिंट

By Abhishek Raghuvanshi
2 Min Read

लगातार पांचवीं बार सबसे स्वच्छ शहर का खिताब जीतने की कवायद में जुटा इंदौर अब जल्द ही प्रदेश का पहला भिखारी मुक्त शहर भी बन जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से देशभर के म्युनिसिपल कार्पोरेशंस को इस मामले में कार्ययोजना बनाने के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इसके मद्देनजर मंगलवार को सांसद शंकर लालवानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कलेक्टर मनीष सिंह, निगम आयुक्त प्रतिभा पाल और डीआईजी मनीष कपूरिया की मौजूदगी में मेट्रो सिटीज की तर्ज पर इंदौर के लिए भी योजना का ब्लू प्रिंट तैयार करने पर चर्चा हुई।

भिखारियों की आड़ में फलफूल रहे नशा माफिया पर कसेगा शिकंजा

कलेक्टर मनीष सिंह ने बैठक के बाद मीडिया से चर्चा में बताया कि बड़े शहरों की तर्ज पर इंदौर में भी भिखारियों की आड़ में नशा माफिया फलफूल रहा है। नशा करने वालों से लेकर नशे के कारोबारियों तक का एक बड़ा नेटवर्क छोटे बच्चों, लड़कियों और बुजुर्गों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे केवल भिखारियों की संख्या में इजाफा हो रहा है, बल्कि इससे अपराध भी बढ़ रहे हैं। कंजर गिरोह द्वारा भी भिखारियों की आड़ में गाड़ियों के कांच फोड़कर वारदात करने के मामले भी सामने आ चुके हैं। साथ ही सिग्नल पर वाहन चालकों को परेशान करने के मामलों में भी इजाफा हुआ है। इन सब पर लगाम कसने और खासतौर पर नशा माफिया पर शिकंजा कसने के लिए इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संवेदनशील मुद्दा, लेंगे एनजीओ की मदद

- Advertisement -

कलेक्टर सिंह ने कहा कि, यह एक संवेदनशील मुद्दा है। भिक्षावृत्ति में शामिल बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को बेहद सहानुभूतिपूर्ण तरीके से इस सबसे बाहर लाने की जरुरत है। इसके लए केंद्र सरकार के नर्देशानुसार नगर निगम एनजीओ की नियुक्ति कर रहा है। भिक्षावृत्ति कर रहे लोगों को पुर्नवास केंद्रों पर रखा जाएगा और सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग द्वारा तैयार न्यायिक प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।

Exit mobile version