इंदौर पुलिस के एक विशेष अभियान के तहत पुलिस का बच्चों को मंत्र “नशे को ना-ना” इंदौर पुलिस द्वारा नशे पर किया जा रहा है चौतरफा प्रहार….

By Abhishek Raghuvanshi
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▪️ आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही के साथ ही लोगों को नशे के दुष्परिणाम से प्रति भी किया जा रहा है जागरूक।

▪️ युवाओं और नाबालिगों को नशे की लत से दूर रखने के लिए, नुक्कड़ नाटक और सभाओं के साथ पुलिस लगा रही हैं क्लास

▪️ अंतर्राष्ट्रीय बाल अधिकार सप्ताह का समापन के अवसर पर पुलिस ने बस्तियों में बच्चों के बीच पहुंच, नुक्कड़ नाटक और मोहल्ला मीटिंग के जरिए किया उन्हें नशे के दुष्परिणाम के प्रति जागरूक।

उप पुलिस महानिरीक्षक इंदौर शहर श्री मनीष कपूरिया के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक पूर्व इंदौर श्री आशुतोष बागरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राजेश रघुवंशी , नगर पुलिस अधीक्षक श्री राकेश गुप्ता के मार्गदर्शन में पुलिस नशे खिलाफ जागरूकता के तमाम उपाय अपना रही है। इसी कड़ी में पुलिस थाना क्षेत्रों में स्कूल, बस्ती आदि में पहुंचकर भी युवाओं/नाबालिक बच्चों को इसके दुष्परिणाम के प्रति जागरूक कर रही है।

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नशे के दुष्परिणाम किसी से छिपे नहीं होते। आज के समय युवा वर्ग नशे की गिरफ्त में फंस रहा है। नशे की लत उन्हें अपराधों की तरफ भी ले जाती है। ऐसे में पुलिस अब बस्तियों और कालोनियों में जाकर नशे से युवाओं को दूर करने की समझाइश दे रही है।

हीरा नगर पुलिस ने रविवार से एक विशेष अभियान “नशे को ना-ना” शुरू किया है। इसमें झुग्गी बस्तियों, मोहल्लों में जा जा युवाओं खासकर नाबालिगों को नशे की लत से दूर रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। थाना प्रभारी हीरा नगर सतीश पटेल और उनकी टीम रविवार को स्कीम नंबर 136 झुग्गी झोपड़ी, रूपनगर भोजराज स्कूल के पास, गोरी नगर जाम का बगीचा में पहुंची। यहां पर लोगों को बताया कि नशे के क्या-क्या दुष्परिणाम होते हैं। युवा और नाबालिक आज नशे की गिरफ्त में फंस रहे हैं। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि उन्हें सही रास्ता दिखाएं। नशा शरीर का तो नाश करता ही है साथ ही अपराधों की तरफ ले जाता है। कभी भी नशे की लत अचानक नहीं लगती, धीरे धीरे लोग इसके चंगुल में फंस जाते हैं। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि अपने आसपास किसी को नशे की गिरफ्त में फंसा देखे तो उसे सही रास्ते पर लाने प्रयास करें और उसे इसके गिरफ्त में आने से बचाएं । एक बार नशे की लत लग जाती है तो फिर उसे सही रास्ते पर लाने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
नशे करने करने से केवल स्वयं का ही नुकसान नहीं होता बल्कि पारिवारिक, आर्थिक, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक हर तरफ से आप और आपका परिवार परेशान होता है।

नशे की लत पूरी करने के लिए युवा गलत राह पर भी चले जाते हैं। ऐसे में वह अपराध भी करने लगते हैं। इस अभियान में पुलिस ने नारा दिया है कि नशे को ना-ना। इस नारे के पीछे पुलिस की मंशा है कि कोई भी अगर उन्हें नशा करने के लिए कहता है तो उसे मना करें। उसे भी बताएं कि वह भी नशे का उपयोग ना करें। पुलिस के साथ युवाओं की टीम भी इस अभियान में शामिल है। जो नुक्कड़ नाटक के जरिए नशे के दुष्परिणाम की जानकारी देकर लोगो को जागरूक कर रही है। हीरा नगर थाना प्रभारी ने बताया कि नशे बेचने वालो के खिलाफ पुलिस लगातार कारवाई करती है। इसके साथ ही अब पुलिस ऐसी बस्तियों में जाकर नशे से दूर रहने के लिए जागरूक भी करेगी। पुलिस की इस पहल का बच्चों मे उत्साह देखते ही बनता था। इस दौरान बच्चों से नशे के दुष्परिणाम के संबंध में सवाल-जवाब भी किए गए जिनमें कुछ बच्चों ने अपनी जागरूकता का परिचय देते हुए बड़े ही उत्साह के साथ जवाब दिए जिन्हें थाना प्रभारी हीरा नगर ने नगद इनाम व चॉकलेट आदि देकर प्रोत्साहित भी किया गया।
कार्यक्रम में आभा कुंज वेलफेयर सोसाइटी की श्रीमती ललिता शर्मा और समाज सेविका भाग्यश्री का भी सहयोग रहा.

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