वैसे तो श्राद्ध पक्ष में हर हिंदू घर में अपने पूर्वजों के नियमित श्राद्ध और तर्पण करते है, लेकिन कई सालो से जेल में बंद सजायाफ्ता कैदी इससे हमेशा विमुख रहते हैं। और केदियो की इसी विमुखता की दूर करने के चलते आज इंदौर के सेंट्रल जेल में जेल अधीक्षक द्वारा कैदियों के लिए श्राद्ध तर्पण का विशेष आयोजन किया गया जिसमें 400 से ज्यादा कैदियों ने अपने पूर्वजों को याद किया।
इंदौर में किया कैदियों ने श्राद्ध तर्पण,किया अपने पूर्वजो को याद,400 से ज्यादा कैदी इस आयोजन में हुवे शामिल, जी हां इंदौर की सेन्ट्रल जेल अधीक्षक ने एक नई पहल करते हुवे सजायाफ्ता कैदियों के लिए श्राद्ध पक्ष को ध्यान में रखते हुए सेंट्रल जेल में श्राद्ध तर्पण का आयोजन करवाया वही जेल में बंद कैदियों ने अपने पितरों को याद करते हुए उनका तर्पण और श्राद्ध किया। ऐसा आयोजन इंदौर की सेंट्रल जेल में पहली बार हुआ है। इस दौरान करीब 450 कैदियों ने इसमें हिस्सा लिया। केंद्रीय जेल में सामूहिक रूप से कैदियों द्वारा पितृ तर्पण का कार्यक्रम किया गया। इसमें उज्जैन से पंडित श्याम पंचोली को भी बुलाया गया था, जिसमें कैदियों को सामग्री उपलब्ध कराई गई थी। इन कैदियों को लाइन में बैठकर पंडित ने मंत्रोचार कर पूरी विधि विधान से श्राद्ध तर्पण कर कर्यक्रम करवाया। जेल अधीक्षक अलका सोनकर के मुताबिक इंदौर की जेल में यह इस तरह का पहला आयोजन है। इसमें करीब 450 कैदी शामिल हुए है। उन्होंने बताया कि पहले वह उज्जैन में रहते हुए इस तरह के तीन आयोजन करवा चुकी हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि कैदी कई सालों तक जेल में रहते है। इसके चलते वह अपने पितरों का श्राद्ध या तर्पण नहीं करवा पाते है। इसके कारण उन्हें दोष लगता है। कैदियों ने भी इस तरह के श्राद्ध कार्यक्रम को अच्छा बताया।
