रिक्शा चालकों द्वारा आरटीओ का घेराव कर की जमकर नारेबाजी

By Abhishek Raghuvanshi
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रेपिडो, उबेर और ओला सहित कई बड़ी कंपनियों द्वारा संचालित की जा रही बाइक टैक्सी का लम्बे समय से विरोध कर रहे रिक्शा चालक आज आरटीओ कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। रिक्शा चालकों का आरोप है कि नियमों को तोड़ कर इन बाइक टैक्सी का संचालन हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार आंख मूंदकर बैठे हैं। रिक्शा चालकों ने आरटीओ कार्यालय पर काले झंडे लहराते हुए आरटीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। रिक्शा चालक महासंघ के राजेश बिड़कर का कहना है कि नियम विरुद्ध चलाई जा रही बाइक टैक्सी पर लंबे से रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। पहले भी कई बार इनकी शिकायत की लेकिन आरटीओ कोई ध्यान नहीं देते हैं। कभी-कभार इक्का-दुक्का वाहनों पर कार्रवाई कर वे फिर से शांत बैठ जाते हैं। बिड़कर के अनुसार बाइक टैक्सी का संचालन करने के लिए वाहन का एक टैक्सी श्रेणी में रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है लेकिन बाहर से आए हुए लोग जिनके पास लाइसेंस भी नहीं है, वे कोई भी दो पहिया वाहन उठाकर इस काम में लग जाते हैं। जिससे ऑटो रिक्शा चालकों को सवारी मिलना बंद हो गई है। पहले कोई अकेला यात्री भी कहीं आने जाने के लिए रिक्शा किराए पर लेता था लेकिन अब वह बाइक टैक्सी पर सवार हो जाता है, जिससे हमें नुकसान हो रहा है। बिड़कर के अनुसार लॉकडाउन में वैसे ही धंधा बंद रहा है, इसके बाद अब सवारियां पहले की तुलना में कम ही मिल रही हैं। ऐसे में वाहन मालिकों का बैंक की किस्त, मेंटेनेंस और घर खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है। इन्हीं सब बातों को लेकर पूर्व में भी आरटीओ से मिले थे लेकिन उन्होंने इस ओर ध्यान नहीं दिया।

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