तेजी से बढ़ते शहर इंदौर में इन दिनों सुसाइडल केस के आंकड़े बढ़ते ही जा रहे है। दरअसल, भाग दौड़ भरी जिंदगी के चलते मानसिक तनाव के आगे मजबूर होकर भी सुसाइड की टेंडेंसी बढ़ रही है। हालांकि, आत्महत्या के नए मामले के पीछे क्या वजह है और किन कारणों से एक 38 वर्षीय युवक ने ऐसा कदम उठाया है पुलिस इसकी जांच में जुट गई है। फांसी लगाकर जान देने की घटना इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र की है। जहां की सत्यम विहार कालोनी में गुरुवार शाम को एक युवक ने पहले हाथों की नस काटकर अपनी जान देने की कोशिश की और जब बात नही बनी तो वह फांसी पर झूल गया जिसके चलते उसकी मौत हो गई। प्रॉपर्टी और अन्य फायनेंस गतिविधियों को संचालित करने वाले फायनेंसर का नाम पुनीत पिता स्वर्गीय सुभाष बड़गे बताया जा रहा है। जिसने 25 नवंबर की शाम करीब 5 बजे अपने घर पर ही फांसी लगाकर जान दे दी। इधर, सुसाइड के इस नए मामले के सामने आने के बाद हीरानगर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
हीरा नगर पुलिस के जांच अधिकारी कमल सिंह रघुवंशी ने बताया कि प्रारंभिक पड़ताल में मृतक पुनीत बड़गे के छोटे भाई ने बताया कि उसके बड़े भाई का फायनेंस का काम चलता था और वह घर से ही यह काम करता था। पिछले कुछ दिनों से वह लेन देन को लेकर तनाव में था और अक्सर वह फोन पर चर्चा करता रहता था।
