अयोध्या में राम मन्दिर का निर्माण कार्य चल रहा है.. मंदिर भव्य बने इसको लेकर संघ के द्वारा धन संग्रह अभियान भी चलाया जा रहा है.. इसी अभियान के चलते जो रैलियां निकाली जा रही है.. इन रैलियों पर बेगम बाघ कॉलोनी उज्जैन के साथ ही कई और स्थानो पर पत्थरों से हमले किए गए है… इन्ही साम्प्रदायिक हमलों को लेकर एसोसिएशन ऑफ प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स की फैक्ट फाइंडिंग टीम ने उज्जैन, इंदौर और मंदसौर का दौरा किया… दौरा समाप्त होने के बाद टीम जिसमें सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे.. इन सभी के भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर आरोप लगाया कि लोगों से बात करने और हिंसा प्रभावित स्थानों का दौरा करने के बाद यह साफ हुआ कि यह हिंसा सामान्य नहीं थी.. यह पूर्व नियोजित थी.. और हिंदूवादी संगठनों द्वारा रची गयी थी.. इस साथ ही जब फैक्ट फाइंडिंग टीम से सवाल किया गया कि अब आप आगे क्या करेंगे.. इस पर टीम के सदस्यों ने कहा कि अगर इस मामले में हमें न्याय नहीं मिलता है तो सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दाखिल करेगें…
