देश में कोरोना के सबसे संक्रामक वैरिएंट ओमिक्रॉन को आए 9 दिन हो चुके हैं। 2 दिसंबर को जब पहले ओमिक्रॉन संक्रमित की पुष्टि हुई थी तो केंद्र और राज्य सरकारों ने ऐलान किया था कि वैक्सीनेशन तेज करेंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा आबादी को सुरक्षित किया जा सके। दूसरी ओर, दुनिया के 30 से ज्यादा देशों ने बूस्टर डोज की रफ्तार बढ़ा दी। अमेरिका और यूरोप के ज्यादातर देशों में बूस्टर डोज अनिवार्य किए जा रहे हैं, लेकिन इधर भारत में बूस्टर तो दूर सामान्य वैक्सीनेशन की रफ्तार भी घट गई है।
2 दिसंबर को देश में रोज लगने वाले टीकों का औसत 81.39 लाख था, जो अब 74.44 लाख रह गया है। यानी जब दुनिया वैक्सीनेशन तेज कर रही है, भारत में यह 8.5% तक घट चुकी है। झारखंड, पंजाब, बिहार, यूपी और महाराष्ट्र तो ऐसे हैं, जहां अभी 50% से ज्यादा वयस्क आबादी (18+) को दोनों डोज नहीं लग पाए हैं। इसी वजह से विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। ये हालात तब हैं, जब दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में बच्चों को वैक्सीनेशन शुरू हुए दो माह से ज्यादा समय हो चुका है।
