कमल शुक्ला व उनकी टीम के 21 सदस्य के साथ आज महेश्वर से मां नर्मदा का जल लेकर इंदौर पहुंचे

By Abhishek Raghuvanshi
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सावन मास में कावड़ यात्रा का बड़ा ही महत्व माना जाता है जिसके चलते इंदौर शहर में अलग-अलग जगह से कावड़ यात्रा का आयोजन किया जाता है वही इसमें बाणेश्वरी कावड़ यात्रा जो कि शहर की सबसे पुरानी कावड़ यात्रा है जो विगत 19 वर्षों से निकलती आ रही है।

गौरतलब है कि सावन माह में इंदौर में अलग-अलग क्षेत्र से कावड़ यात्रा का आयोजन किया जाता है वहीं इंदौर की सबसे पुरानी बाणेश्वरी कावड़ यात्रा विगत 19 वर्षों से निकलती आ रही है लेकिन पिछले 2 वर्षों से कोरोना संक्रमण को देखते हुए परंपरा को जारी रखने के उद्देश्य बहुत ही कम की संख्या में कावड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है वही आज भी कमल शुक्ला व उनकी टीम के 21 सदस्य आज महेश्वर से मां नर्मदा का जल लेकर इंदौर पहुंचे जहां उन्होंने माता अहिल्या का जलाभिषेक व दुग्ध अभिषेक किया वह शहर की जनता की रक्षा की कामना को लेकर माता अहिल्या से कामना की यह कावड़ यात्रा उज्जैन पहुंचेगी जहां सोमवार को बाबा महाकाल का मां नर्मदा के जल से जलाभिषेक किया जाएगा वहीं यह कावड़ यात्रा समाप्त होगी

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