मध्यप्रदेश के इंदौर के लसूड़िया थाने पर दर्ज हुए मामले के बाद IAS संतोष वर्मा की वो हकीकत उजागर हुई थी जिससे दुनिया अनजान थी। दरअसल, जाली हस्ताक्षर कर फर्जी तरीके से पदोन्नति का मामला सामने आने के बाद इंदौर पुलिस ने जुलाई माह में संतोष वर्मा को गिरफ्तार कर लिया और तब से ही वो न्यायिक अभिरक्षा में जेल में है।
दरअसल सलाखों के पीछे पहुंच चुके आईएएस संतोष वर्मा को जाली साइन से प्रमोशन पाने के चक्कर में कार्रवाई की गई थी।
आईएएस संतोष वर्मा अपनी सहपाठी के साथ लंबे समय से लिवइन रिलेशन में थे और शादीशुदा होने के बाद भी प्रेम विवाह किया था। इसी दौरान उन्होंने महिला मित्र की झूठी शिकायत लसूड़िया थाने में की थी, लेकिन जब महिला थाने पहुंची तो पूरे मामले का खुलासा हुआ था।
कूटरचित दस्तावेजो से प्रमोशन के मामले में न्यायालय ने पुलिस को गहनता से जांच के आदेश दिए है जिसके बाद अब इस मामले में एसआईटी टीम गठित कर दी गई है।
वही इंदौर पूर्वी एसपी आशुतोष बागरी ने बताया कि एसआईटी एडिशनल एसपी जयवीर सिंह भदोरिया के नेतृत्व में गठित की गई है। वही केस की विवेचना डीएसपी क्राइम ब्रांच अनिल सिंह चौहान करेंगे। जिसका मतलब है 5 सदस्यीय एसआईटी अब इस मामले की हर परत को खोलने के लिए तैयार है। फिलहाल, देखना ये दिलचस्प होगा कि एसआईटी के गठन के बाद पूरे मामले में और कौन से तथ्य सामने आते है।
