अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन 11 सितंबर तक अफगानिस्तान से अपनी फौज को वापस लाने का ऐलान कर चुके हैं। दुनियाभर को आशंका है कि नाटो सेना की वापसी का फायदा तालिबान उठा सकता है और इससे वहां फिर गृहयुद्ध के हालात पैदा हो सकते हैं। भारत की भी अफगानिस्तान पर पैनी नजर है।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत ने गुरुवार को रायसीना हिल्स डायलॉग में इस तरफ इशारा किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी फौज की वापसी से ऐसे हालात नहीं बनने चाहिए, जिसका फायदा भड़काऊ और अराजक तत्व उठा सकें। हम अफगानिस्तान की बेहतरी और विकास में मदद करते रहेंगे।
शांतिपूर्ण समाधान जरूरी
जनरल रावत ने कहा कि भारत चाहता है कि अफगानिस्तान में जल्द अमन बहाली हो ताकि वहां तेजी से विकास हो सके। हम हर तरह से अफगानिस्तान की मदद को तैयार हैं। विकास के लिए शांति जरूरी है और भारत इसमें मदद की कोशिश कर रहा है।
सीडीएस ने आगे बताया कि तमाम बातों के अलावा हमारी कुछ चिंताएं भी हैं। हम नहीं चाहते कि अमेरिका या नाटो सेना की वापसी का फायदा गलत तत्व उठाएं और वहां के हालात बिगड़ें।
पाकिस्तान की तरफ इशारा
भारत और अफगानिस्तान के ऐतिहासिक रिश्ते हैं और भारत सरकार अफगानिस्तान में कई डेवलपमेंट प्रोजेक्ट चला रही है। वहां का संसद भवन भी भारत ने बनवाया है। पाकिस्तान हमेशा से अफगानिस्तान में तालिबान और दूसरे आतंकी संगठनों को मदद देता आया है।
उसे वहां भारत की मौजूदगी कतई पसंद नहीं है। भारत को आशंका है कि अमेरिकी फौज की वापसी के बाद पाकिस्तान एक बार फिर अफगानिस्तान में हालात बिगाड़ने की कोशिश करेगा। जनरल रावत का बयान दरअसल, पाकिस्तान की तरफ ही इशारा है।
अमेरिका, अफगानिस्तान और भारत संपर्क में
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने बुधवार रात अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन से बातचीत की। गनी के मुताबिक, उनकी सरकार अमेरिकी फैसले का सम्मान करती है। जनरल रावत ने किसी देश का नाम तो नहीं लिया, लेकिन कहा- अमेरिकी फौज की वापसी के बाद कुछ देश हालात का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं।
अफगानिस्तान में काफी संभावनाएं और स्रोत हैं। कुछ लोग या मुल्क इनका फायदा उठाना चाहते हैं। दुनिया के देशों को यह तय करना होगा कि अफगानिस्तान सिर्फ और सिर्फ अफगान लोगों का है।
पिछले महीने अफगान विदेश मंत्री हनीफ अतमार भारत यात्रा पर आए थे। तब भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि भारत हमेशा अफगानिस्तान की मदद को तैयार है।
