उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश मिलने के बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा ने ली पहली समीक्षा बैठक

By Abhishek Raghuvanshi
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हजारों लंबित मामलों को निपटा कर पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाना ही हमारा लक्ष्य : शोभा ओझा

मध्यप्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा ने उच्च न्यायालय से मिले स्थगन आदेश के बाद मंगलवार को आयोग की पहली समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसको संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “मध्यप्रदेश में महिलाओं के हित, उनकी सुरक्षा, उनका सम्मान और उन्हें एक भयमुक्त वातावरण देना ही महिला आयोग का कर्तव्य है, यह दुखद है कि महिलाओं से संबंधित लगभग दस हजार मामले आयोग के पास पहले से लंबित हैं, जिन्हें निपटाना और पीड़िताओं को न्याय दिलाना हमारे लिए एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य जरूर है पर हम इस कठिन लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।”

अध्यक्ष पद को लेकर उच्च न्यायालय से मिले स्थगन आदेश के बाद, स्थिति स्पष्ट होते ही, इस कोरोना संकट के बीच महिलाओं के प्रति अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए श्रीमती शोभा ओझा ने आज राज्य महिला आयोग की पहली समीक्षा बैठक राजधानी भोपाल स्थित मुख्य कार्यालय पर आयोजित की। बैठक में सभी पुराने लंबित प्रकरणों को, संबंधित मामले की गंभीरता और प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की प्रक्रिया को अविलंब प्रारंभ करने के फैसले के साथ ही, इस बात पर भी चिंता व्यक्त की गई कि लगभग 10,000 पुराने प्रकरणों के साथ ही, इस लॉक-डाउन पीरियड में भी महिलाओं पर अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं और 181 नए मामले अब तक दर्ज हो चुके हैं।

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उक्त बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों, अधिकारियों व स्टाफ ने फिजिकल डिस्टेंसिंग का बखूबी पालन करते हुए आयोग के कार्यों और परिणामों में गति लाने की आवश्यकता पर बल देते हुए, आयोग की कार्यशैली में आमूलचूल परिवर्तन की पैरवी करने के साथ ही अध्यक्षा श्रीमती शोभा ओझा को पूरे सहयोग का आश्वासन भी दिया।

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