इंदौर में युवाओं के रगों में ड्रग्स जैसा खतरनाक नशा उतारने का कार्य करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी है। अब तक 15 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आने वाले कुछ दिनों में बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी होना है। ये कहना है इंदौर डीआईजी हरिनारायण चारि मिश्र का। डीआईजी के आर्थिक रूप से सक्षम युवा इन गिरोह के प्रमुख टारगेट पर रहते है, ऐसे में अभिभावकों को भी चाहिए कि वे बच्चों से सतत संवाद बनाए रखें ताकि उन्हे इस नशे की दुनिया में जाने से रोका जा सके।
ड्रग्स के खिलाफ इंदौर पुलिस युद्ध स्तर पर कार्रवाई कर रही है, यही कारण है कि पुलिस ने एक महिला सहित 15 लोगों को ड्रग्स सप्लाई मामले में गिरफ्तार किया है। डीआईजी हरिनारायण चारि मिश्र के अनुसार मुख्यतोर पर गिरोह उन लड़कों को अपना टारगेट बनाता था, जो अन्य राज्यों से पढ़ने इंदोर आए और आर्थिक रूप से सक्षम है। पब और बार में पैसा ज्यादा खर्च करने वाले युवाओं पर भी इनकी नजर रहती थी। इसके साथ ही ड्रग्स सप्लायर द्वारा युवाओं में इस बात का भ्रम पैदा किया जाता था, कि इसके सेवन करने से वह अच्छा पढ़ पाएंगे, जिसके कारण वे नशे के मकड़ जाल में फंस जाते है और ड्रग एडिक्ट हो जाता है। ड्रग्स के खिलाफ जारी अभियान में आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी होगी। ड्रग्स सप्लाई मामले के मुख्य आरोपियों के अतिक्रमण को भी चिन्हित कर लिया है, प्रशासन के मिलकर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीआईजी के अनुसार बच्चे के अभिभावकों को भी इस बात पर ध्यान देना होगा, कि उनके बच्च्े कहा, पैसे खर्च कर रहे है और किसके सम्पर्क में है। बच्चों से सतत संवाद बनाए रखे, ताकि उन्हे नशे के गर्त में जाने से बचाया जा सके।
