दरअसल इंदौर सांवेर विधानसभा उपचुनाव के दौरान 7 अक्टूबर को एक कार की जांच में स्पेशल सर्विलेंस टीम को 50 लाख 90 हजार रुपए मिले थे, जो आयकर विभाग को सौंप दिए गए थे। आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग द्वारा की गई जांच में यह पूरी राशि ब्लैक मनी की पाई गई है, जिस पर इनकम टैक्स नहीं चुकाया गया था। आयकर विभाग ने जांच और सभी पक्षों के बयान के बाद यह राशि जब्ती में ले ली है और करीब 110 फीसदी टैक्स डिमांड निकाली है। यानी जब्त की गई पूरी राशि टैक्स भरने में चली जाएगी और साथ ही अतिरिक्त राशि भी संबंधित को जमा कराना होगी। एसएसटी द्वारा जांच के दौरान इटारसी के सराफा कारोबारी मोहन सोनी से यह राशि मिली थी, जिन्होंने इसे ज्वेलरी खरीदने के लिए उपयोग में लाना बताया था।
