इंदौर रेलवे पुलिस लगातार अपनी ड्यूटी के साथ-साथ सामाजिक सरोकार के लिए भी कृत संकल्प है हाल ही में रेलवे पुलिस के अधिकारियों ने स्टेशन पर घूमने वाले बेसहारा बच्चों के लिए पाठशाला शुरू की थी और अब उन्हें शिक्षण सामग्री भी वितरित की गई है
रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर जहां पहले ट्रेनों की आवाजाही के साथ यात्रियों की चहलकदमी ही दिखाई देती थी, अब वहां बच्चों की ए, बी, सी, डी… सीखने की आवाजें भी सुनाई दे रही हैं। रेलवे पुलिस ने प्रदेश में पहली बार इंदौर रेलवे स्टेशन के आसपास भीख मांगने, कचरा बीनने, गुब्बारे बेचने व बाल मजदूरी करने वाले बच्चों के लिए प्लेटफॉर्म पर ही क्लास शुरू की है।
इंदौर रेलवे स्टेशन पर जीआरपी थाने के पास प्लेटफॉर्म पर हर दिन तीन से चार बजे तक ऐसे करीब आठ से बारह बच्चों की पिछले तीन दिनों से क्लास लगने लगी है। रेलवे पुलिस ने एनजीओ ‘जन साहस’ के माध्यम से यह अभिनव प्रयोग शुरू किया है। अभी इंदौर और उज्जैन स्टेशन पर रेलवे पुलिस ने यह प्रयोग शुरू किया है। इन पाठशाला में पढ़ने वाले बच्चों को रेलवे पुलिस इंदौर द्वारा शिक्षण सामग्री भी वितरित की गई है
जल्द ही इंदौर जोन के 17 रेलवे स्टेशनों पर इस तरह बच्चों के लिए ‘रेलवे प्लेटफॉर्म स्कूल’ शुरू करने की योजना बनाई गई है। और उनके भविष्य को संवारने की कोशिश की जा रही है
इंदौर रेलवे पुलिस की अभिनव पहल
बेसहारा बच्चों को शिक्षण सामग्री कराई गई उपलब्ध
रेलवे पुलिस पहले से ही इन बच्चों को पढ़ा रही है
ड्यूटी के साथ-साथ सामाजिक सरोकार से भी जुड़ी है रेलवे पुलिस
