जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल ब‍िहारी वाजपेयी ने कहा था-मैं वोट मांगने नहीं, दिलों को जोड़ने आता हूं

By Abhishek Raghuvanshi
2 Min Read
मुरादाबाद में रहने वाले विजय प्रकाश माहेश्वरी ने लंबे समय तक अटलजी के साथ काम किया। उनके साथ रहते हुए पूर्व प्रधानमंत्री की कई यादें आज भी उनके द‍िल में कैद हैं। अटल जी जब उत्तराखंड के दौरे पर होते वह उनके साथ होते थे।

मुरादाबाद, जेएनएन। पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी का व्यक्तित्व, व्यवहार और सोच सबसे अलग थी। वे भविष्य दृष्टा थे। आज किए कार्य में भविष्य की परछाईं देखते थे। अपने संघर्ष के दौरान भी जब जनसंघ को खड़ा कर रहे थे, तभी उन्होंंने कहा था कि आज हमें वोट मिलें, न मिलें पर दिल जोड़ने हैं, एक दिन सरकार भी बन जाएगी। 

यह कहना है मुरादाबाद में रहने वाले विजय प्रकाश माहेश्वरी का। उन्होंने लंबे समय तक अटलजी के साथ काम किया। अटल जी जब उत्तराखंड के दौरे पर होते वह उनके साथ होते और उन्हें अपनी जीप से सभाओं में लेकर जाते थे। विजय प्रकाश माहेश्वरी बताते हैं कि मूल रूप से उत्तराखंड से हूं। बात 1975 के आसपास की है, लैंसडाउन में उनकी एक सभा होनी थी। वे पहले मुरादाबाद आए, फिर कोटद्वार पहुंचे और वहां से लैंसडाउन जाना था। रास्ते में उनसे बात करते हुए जा रहे थे, तब मैंने उनसे कहा कि आप बार-बार यहां आते हैं और वोट केवल दो हजार मिलते हैं। तब अटलजी ने जवाब दिया कि दो हजार वोट मत देखो, हमने एक हजार परिवार अपने साथ जोड़ लिए हैं। अगले चुनाव में इनकी संख्या दोगुनी होगी और इस प्रकार हम आगे बढ़ते जाएंगे और एक दिन केंद्र में अपनी सरकार बनेगी। उन्होंने बताया कि उन्होंने यह कभी नहीं कहा कि अगली बार हम जीतेंगे। वे हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते थे। उनका कहना था कि मैं वोट मांगने नहीं आता हूं, बल्कि लोगों को जोड़ने आता हूं। मेरा बस यही काम है, यही करता रहूंगा।

Exit mobile version