
- मुद्दे से भटक रहा है किसान आंदोलन: PM
पीएम मोदी ने कहा कि जिन राजनीतिक दलों को देश की जनता नकार चुकी है, वो आज कुछ किसानों को गुमराह करने में लगे हुए हैं. कुछ लोग किसानों और सरकार की चर्चा नहीं होने दे रहे हैं. जब आंदोलन शुरू हुआ तो उनकी मांग थी कि MSP की गारंटी होनी चाहिए. अब ये आंदोलन भटक गया है, ये लोग कुछ लोगों के पोस्टर लगाकर उन्हें रिहाई की मांग कर रहे हैं, अब कह रहे हैं टोल को खाली कर दो. अब किसान आंदोलन के नाम पर कई मुद्दों को उठाया जा रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हाल ही में राजस्थान, जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में पंचायत चुनाव हुए हैं. इनमें अधिकतर किसानों ने वोट दिया और वहां आंदोलन चलाने वाले दलों को नकारा जा चुका है. सरकार हर वक्त चर्चा के लिए तैयार है, हम खुले मन के साथ आगे बढ़ रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि जो लोग लोकतंत्र को नहीं मानते हैं, वही आज किसानों को गलत भाषा का प्रयोग करके बरगला रहे हैं.
- पीएम मोदी ने समझाए कानून के फायदे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज कृषि कानून को लेकर झूठ फैलाए जा रहे हैं. MSP और मंडी पर अफवाह जारी है, कानून लागू हुए कई महीने हो गए हैं लेकिन क्या किसी को कोई नुकसान हुआ है. किसान आंदोलन में सभी गलत लोग नहीं हैं, कुछ भोले किसानों को भड़काया जा रहा है. पहले MSP पर फसल बेची गई और उसके बाद आंदोलन को हवा दी गई.
पीएम मोदी ने कहा कि पहले कृषि कानून तोड़ने पर किसानों को पेनाल्टी लगती थी, लेकिन अब हमारी सरकार ने ऐसी पेनाल्टी को खत्म कर दिया है. पीएम मोदी बोले कि अब खरीदार को किसानों को रसीद भी देनी होगी और तीन दिन के भीतर फसल का पैसा भी देना होगा. PM ने कहा कि सरकार किसानों के हक में खड़ी है और ऐसी व्यवस्थाएं की गई हैं कि किसानों को उनका हक मिले.
पीएम मोदी ने कहा कि अगर कोई किसान से एग्रीमेंट करेगा, तो वो चाहेगा कि फसल अच्छी हो. ऐसे में एग्रीमेंट करने वाला व्यक्ति बाजार के ट्रेंड के हिसाब से ही किसानों को आधुनिक चीजें उपलब्ध करवाएगा. अगर किसी वजह से किसान की फसल अच्छी नहीं होती या बर्बाद हो जाती है, तो भी किसान को फसल का पैसा मिलेगा. एग्रीमेंट करने वाला समझौता नहीं तोड़ सकता है, लेकिन किसान अपनी मर्जी से एग्रीमेट खत्म कर सकता है.
पीएम मोदी ने कहा कि अगर कंपनी को फसल से ज्यादा मुनाफा होगा, तो उसे फसल के दाम से अलग बोनस भी किसान को देना होगा. यानी अब रिस्क को किसान नहीं बल्कि कंपनी को झेलना होगा.
- PM ने गिनाई सरकार की योजनाएं
पीएम मोदी ने कहा कि जितने लोग आज आंदोलन चला रहे हैं वही उस सरकार के साथ थे, जिसने स्वामीनाथन रिपोर्ट को दबाकर रखा था. पीएम मोदी ने कहा कि हमने गांव के किसान के काम को आसान करने की कोशिश की है. जो आज किसानों के लिए आंसू बहा रहे हैं, उन्होंने सत्ता में रहते हुए क्या किया हर किसी को पता है. हमने किसानों को बिजली के मुफ्त कनेक्शन, गैस के मुफ्त कनेक्शन दिए हैं, आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त इलाज दिया गया है.
पीएम मोदी ने बताया कि उनकी सरकार आज 90 पैसे प्रति दिन के हिसाब से इंश्योरेंस दे रहे हैं. कुछ लोग किसानों की जमीन हड़पने की बात कर रहे हैं, लेकिन आज हम मकानों, जमीन का नक्शा उनके हाथ में दे रहे हैं. पीएम मोदी बोले कि किसान को पता है कि उसकी उपज का बेहतर दाम क्या होगा. PM मोदी ने कहा कि किसानों को जहां सही दाम मिले, वहां ही फसलें बेचें. MSP पर अगर फसल बेचना चाहते हैं तो बेच सकते हैं, मंडी में बेचना हो या फिर बाहर या किसी कंपनी को ये फैसला किसान को ही करना है.
- किसानों को गुमराह कर रहे हैं कुछ लोग: PM
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोग चर्चा में आने के लिए इवेंट कर रहे हैं, जो बंगाल के हाल पर चुप हैं वो दिल्ली में अर्थनीति रोकने में लगे हुए हैं. जिन्होंने दिल्ली में घेरा डाला हुआ है, उन्हें केरल नहीं दिखता है. केरल में भी APMC, मंडी नहीं है वहां क्यों आंदोलन नहीं होता है. बिना तथ्य की राजनीति कर लोग किसानों को बरगला रहे हैं.
पीएम ने कहा कि किसानों को बदनाम कर कुछ लोग अपनी राजनीति चमका रहे हैं. पहले की सरकारों की नीति के कारण वो किसान बर्बाद हुआ, जिसके पास कम जमीन थी. पीएम मोदी बोले कि हमारी सरकार ने आधुनिक खेती को लेकर बल दिया. PM मोदी ने कहा कि हमारा फोकस किसानों के खर्च को कम करने पर किया गया. पीएम फसल बीमा योजना, किसान कार्ड, सम्मान निधि योजना की मदद से खेती को आसान किया गया है.