अयोध्या: लॉक डाउन के बीच 25 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त में विराजमान होंगे रामलला

By Abhishek Raghuvanshi
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अयोध्या में रामलला को अस्थाई मंदिर में ले जाने की तैयारी शुरू हो गई है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) भी रामलला को शिफ्ट करने के समय मौजूद रहने वाले थे मगर अभी उनके कार्यक्रम की पुष्टि नहीं हुई है. कोरोना अलर्ट के चलते मुख्यमंत्री के कार्यक्रम पर संशय है.

अयोध्या. एक तरफ उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस (COVID-19) के चलते लॉक डाउन की घोषणा हो चुकी है. उधर अयोध्या (Ayodhya) में रामलला (Ramlala) को उनके नए अस्थाई मंदिर में शिफ्ट करने के लिए पूजा-पाठ चालू है. मंगलवार सुबह 7 बजे से ही 15 वैदिक विद्वान रामलला के गर्भ गृह में पूजा अनुष्ठान शुरू किए गए, जो आज देर रात 11 बजे तक चलेंगे. इसके बाद अर्ध रात्रि (25 मार्च) में 2 बजे रामलला को जगाया जाएगा. उनका पूजन पाठ होगा और रास्ते का शुद्धिकरण होगा. इसके बाद फिर भोर में ही ब्रह्म मुहूर्त में रामलला को अपने नए मंदिर में विराजमान कराया जाएगा.

इसके बाद सुबह 7 बजे राम लला की आरती होगी. इस आरती का प्रसारण भी कराने के लिए ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन से अनुरोध किया है. माना जा रहा है कि कल सुबह लाइव आरती भी और रामलला के भक्तों को घर बैठे ही देखने को मिल सकती है. नवरात्र के प्रथम दिन रामलला अपने नए मंदिर में नए आसन पर विराजमान होंगे. चांदी के सिंहासन पर भगवान राम लला अपने चारों भाइयों के साथ बाल स्वरूप दर्शन देंगे. हालांकि ट्रस्ट के पदाधिकारी इस पूरे कार्यक्रम को बहुत भव्य तरीके से करने के इच्छुक थे मगर देश में व्याप्त कोरोना वायरस के अलर्ट के चलते अब पूरे कार्यक्रम को सीमित कर दिया गया है.

दरअसल राम जन्मभूमि फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण के लिए एक कदम और आगे बढ़ते हुए ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने रामलला को मंदिर निर्माण के निमित्त अस्थाई मंदिर में शिफ्ट करने की कवायद शुरू कर दी है. कल से ही रामलला के गर्भ गृह में पूजन शुरू हो गया है जिसमें 15 वैदिक विद्वान जो दिल्ली, प्रयागराज, मथुरा, काशी और अयोध्या के वहां पर पूजन कर रहे हैं. कल देर शाम तक पूजन वहां पर चला और आज सुबह फिर 7 बजे से वैदिक विद्वान रामलला के गर्भ गृह में पूजन कर रहे हैं. रात्रि 11 बजे तक यह पूजन चलेगा. कल भोर में 2 बजे रामलला को दोबारा से जगाया जाएगा और 4 बजे भगवान रामलला को शिफ्ट करने की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा. इस दरमियान ट्रस्ट के पदाधिकारी और पूजन करा रहे हैं. वैदिक ब्राह्मणों के अलावा सीमित लोग ही वहां पर रहेंगे.

हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम भी रामलला को शिफ्ट करने के समय मौजूदगी में होना था मगर अभी उसकी पुष्टि नहीं हुई है. माना जा रहा है कि कोरोना अलर्ट के चलते मुख्यमंत्री का कार्यक्रम नहीं होगा. राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र टेस्ट के महामंत्री चंपत राय ने कहा कि कल सुबह 4 बजे रामलला अपना टेंट का मंदिर छोड़ करके तैयार किए गए अस्थाई मंदिर में विराजमान होंगे. अयोध्या के वरिष्ठ संतो की स्थानीय जनप्रतिनिधि और ट्रस्ट के पदाधिकारी की मौजूदगी में रामलला को नया स्थाई भवन में विराजमान कराया जाएगा.भव्य है रामलला के चांदी का सिंहासन
रामलला नए अस्थाई मंदिर में चांदी के सिंहासन पर विराजमान होंगे. यह सिंहासन अयोध्या राजपरिवार के द्वारा राम लला को भेंट किया गया है. यह सिंहासन 25 इंच लंबा 15 इंच चौड़ा और 24 इंच ऊंचा है. रामलला का दर्शन कल सुबह 7 बजे से नए अस्थाई मंदिर में होगा.

रामलला के लिए विशेष चांदी का सिंहासन

चंपत राय ने कहा कि कोरोना से चलते जिन भी मंदिरों के कपाट बंद हैं, उन सभी संतो को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह भी एक तरीके की भगवान की ही सेवा है क्योंकि यह संक्रमण से फैलने वाली बीमारी है. उस सभी संतो को साधुवाद के पात्र हैं, जिन्होंने आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिरों के कपाट बंद किए हैं. यदि मंदिरों में श्रद्धालु नहीं आएंगे तो इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है.

अयोध्या के सभी मंदिरों के कपाट बंद
बताते चलें कि कल से ही सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी, दशरथ महल, कनक भवन, बड़ी देवकाली मंदिर, छोटी देवकाली मंदिर समेत अयोध्या के कई बड़े मंदिरों के पट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए हैं. इस दरमियान अंदर पूजा-पाठ और आरती के कार्यक्रम में अनवरत होते रहेंगे लेकिन उसमें आम जनमानस को शामिल होने की अनुमति नहीं है.

126 लोगों ने किया रामलला का दर्शन
वहीं रामलला के दर्शन को रोकने पर बोले कि ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है. रामलला के दर्शन को आने वाले समस्त श्रद्धालुओं जागरूक हैं. कल मात्र 3 अंकों में श्रद्धालुओं ने दर्शन किया था और आज सुबह से वह भी कम है लेकिन एक और दो करके जो श्रद्धालु आ रहे हैं उनको नॉर्मल दर्शन मिल रहा है. किसी तरीके की रोक दर्शन पर रामलला के नहीं है.

मुख्यमंत्री को दोबारा नहीं दिया जाएगा निमंत्रण
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर बोले कि रामलला के अस्थाई शिफ्टिंग पर निमंत्रण मुख्यमंत्री को दोबारा नहीं दिया जाएगा क्योंकि जिस तरह इस समय देश के हालात हैं इसलिए पूरी प्रदेश की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री के ऊपर है. मुख्यमंत्री को इस वक्त पूरे प्रदेश के बारे में सोचना है वह उनका पहला कर्तव्य है.

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First published: March 24, 2020, 3:10 PM IST

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