कलेक्टर मनीष सिंह आज सुबह 9 बजे सीएमएचओ ऑफिस पहुंचे यहां उन्होंने विभाग के अधिकारियों और डॉक्टरों से कई मामलों में चर्चा की। बाद में बाहर निकलने पर कलेक्टर मनीष सिंह ने मीडिया से कहा कि इंदौर की पहचान मिलावट मुक्त शहर के रूप में बननी चाहिए। इसके लिए नमकीन, दुग्ध उत्पाद जैसे खाद्य पदार्थों के प्रोसेसिंग यूनिट की एसोसिएशन को सशक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें 22 दिसम्बर से मिलावट मुक्त उत्पाद की ट्रेनिंग दी जाएगी। इन्हें इस तरह सशक्त किया जाएगा कि यह अपने उत्पाद की यूनिटों पर नजर रखेंगे और स्वयं भी मिलावट करने वालों पर अंकुश लगाएंगे। कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि जिले में फूड एंड ड्रग विभाग के इंस्पेक्टरों की उपयोगिता अभी तक दिखाई नहीं दे रही है। उन्हें दो टूक शब्दों में कह दिया गया है कि सरकार आप पर पैसा खर्च करती है अगर उनके काम में सुधार नहीं आया तो मैं डीई करके उन्हें टर्मिनेट करूंगा।
