
साइबर अपराधियों ने पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते हुए उनके मोबाइल हैक कर लिए है। उनके नंबरों से यूजर्स को एपीके फाइलें भेजी जा रही है। चंदननगर, लसूड़िया और आजाद नगर थाने के पुलिसकर्मियों ने तो क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने मेटा को ई-मेल कर वाट्सएप हैक होने की जानकारी दी है।
पुलिसकर्मियों के मोबाइल हैक कर हजारों यूजर्स को भेजी एपीके फाइल साइबर क्राइम
फर्जी ई-चालान भेज कर ठगी करने की कोशिश, क्राइम ब्रांच पहुंचे थानों के पुलिसकर्मी
साइबर ठगी के शिकार एक SI के खाते से तो अपराधियों ने 58 हजार 300 रुपये निकाले
इंदौर। साइबर अपराधियों ने पुलिसकर्मियों को निशाना बनाते हुए उनके मोबाइल हैक कर लिए है। उनके नंबरों से यूजर्स को एपीके फाइलें भेजी जा रही है। चंदननगर, लसूड़िया और आजाद नगर थाने के पुलिसकर्मियों ने तो क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने मेटा को ई-मेल कर वाट्सएप हैक होने की जानकारी दी है।
एडिशनल डीसीपी (अपराध) राजेश दंडोतिया के मुताबिक साइबर अपराधियों ने पुलिसकर्मियों के वाट्सएप अकाउंट को कब्जे में कर उनकी डिस्प्ले पिक्चर(डीपी) हटा दी। उस स्थान पर अंग्रेजी में ई-चालान लिखा गया है। उस नंबर से बाकायदा अंग्रेजी में फर्जी मैसेज के ट्रैफिक पुलिस की ओर से ट्रैफिक उल्लंघन का नोटिस और एपीके फाइल भेजी जा रही है।
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने एडवाइजरी जारी की
मैसेज के साथ 7.0 एमबी की एपीके फाइल भेजी गई है जिसमें ई-चालान लिखा हुआ है। यूजर्स ट्रेफिक पुलिस का मैसेज समझ कर फाइल खोल लेता है और उसके फोन का नियंत्रण साइबर अपराधी के हाथों में चला जाता है। पिछले पांच दिनों से इसी तरह से मैसेज पुलिसकर्मियों से नंबरों से उनके रिश्तेदार और परिचितों के मोबाइल पर आए है। इस घटना को लेकर पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने एडवाइजरी भी जारी कर दी है।
थानेदार का फोन हैक कर रुपये भी निकाले
साइबर ठगी के शिकार एक एसआइ के खाते से तो अपराधियों ने 58 हजार 300 रुपये निकाल लिए। एसआइ के अनुसार वह इस नंबर पर वाट्सएप तक नहीं चलाते है। परिचित और रिश्तेदारों के पास मैसेज पहुंचते ही काल आना शुरु हो गए। लोगों ने बताया तो धोखाधड़ी की जानकारी लगी। बेटे से मेटा को ई-मेल भेज कर वाट्सएप बंद करवाया।
साइबर अपराधियों का बढ़ता जा रहा है हौंसला
एडीसीपी के मुताबिक इस वर्ष एपीके फाइल के माध्यम से धोखाधड़ी के 248 केस सामने आए है। साइबर अपराधी एपीके फाइल के माध्यम से सवा करोड़ से ज्यादा की ठगी कर चुके है। एपीके फाइल से कान्ट्रैक्ट लिस्ट और गैलरी पर कब्जा एडीसीपी के अनुसार एपीके फाइल पर क्लिक करते ही यूजर्स के फोन पर साइबर अपराधियों का कब्जा हो गया। उनके फोन में सेव सारे नंबर और गैलरी भी उन तक पहुंच गई। अपराधियों ने निजी जानकारी का फायदा उठा कर रुपये वसूलना शुरु कर दिया।
अनजान लिंक पर क्लिक ने करें , सावधानी रखे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का उपयोग के दौरान सावधानी रखें। अनजान लिंक पर क्लिक न करें। कोई भी लुभावने ऑफर और निवेश, उपहार के झांसे में न आए। ठग निजी जानकारी से ब्लैकमेल और अकाउंट की जानकारी से रुपये निकाल सकते है। कोई भी दिक्कत आने पर 1930 पर शिकायत करें।- संतोष कुमारसिंह पुलिस कमिश्नर (एडीजी)
