
डबलचौकी में तीन साल के तेंदुए के पंजे काटकर ले जाने, दांतों को उखाड़ने के मामले में डीएफओ ने एसडीओ और दो रेंजर की कमेटी गठित कर दी है। तीन सदस्यीय कमेटी सोमवार सुबह ही घटनास्थल पर पहुंच गई। मुखबिरों के माध्यम से शिकारियों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। इधर, एसटीएफ भी इस गंभीर मामले की पड़ताल में जुट गई है। ग्रामीणों ने तेंदुए को मृत अवस्था में देखने के बाद वन विभाग को सूचना दी थी।
डीएफओ प्रदीप मिश्रा के मुताबिक दो एंगल पर जांच की जा रही है। तेंदुआ वायरों में उलझा और उसकी मौत हुई। मारे जाने के बाद उसके पंजे काटे गए, दांत निकाले गए। वहीं दूसरा एंगल सीधे शिकार से जोड़कर देखा जा रहा है। तेंदुए को वायरों के जाल में उलझाकर मारा गया और फिर उसके अंग काटे गए। एसडीओ योहान कटारा, इंदौर रेंजर संगीता ठाकुर, मानपुर रेंजर पीएस चौहान की कमेटी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिस जगह तेंदुआ मृत मिला, वहां पर कई जगह खून के धब्बे मिले हैं। वहीं खोजी श्वान के जरिए भी अपराधियों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं।
काले हिरण के बाद तेंदुए का शिकार
शाजापुर, खातेगांव, कन्नोद तरफ काले हिरण बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। पुलिस ने पिछले साल ही काले हिरण का शिकार करने वालों को पीथमपुर में पकड़ा था। पिछले दिनों ही हाई कोर्ट ने आरोपी सलमान की जमानत खारिज कर दी थी। वहीं अब तेंदुए के शिकार की घटना से वन विभाग, एसटीएफ सकते में है। इंदौर में सिटी से लेकर ग्रामीण इलाके, टाउनशिप तक में तेंदुओं की मूवमेंट हो रही है। 15 दिन पहले ग्राम हरसोला में भी तेंदुआ खेत में जंगली सूअरों के लिए लगाए गए वायरों में उलझ गया था। उसके पंजों में गंभीर चोट आई थी। मादा तेंदुए का चिड़ियाघर में उपचार चल रहा है। जिस जगह मादा तेंदुआ फंसी थी,
