
शहर का सबसे व्यस्त शास्त्री ब्रिज खतरनाक स्थिति में आ रहा है। ब्रिज और इस पर बने फुटपाथ का 20 मीटर का टुकड़ा धंस रहा है। 71 वर्ष से ज्यादा पुराने इस ब्रिज की मजबूती पर पहले भी सवाल खड़े होते रहे हैं। इसकी मरमत भी हो चुकी है। अब बड़ा हिस्सा धंसने से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम और मरमत की आवश्यकता महसूस हो रही है। मामले की जानकारी कलेक्टर और निगमायुक्त तक भी पहुंची है।
अफसरों का दावा है कि ब्रिज पर खतरे जैसी बात फिलहाल नहीं है। इसका सुधार किया जाएगा। एक अनुमान के मुताबिक, इस ब्रिज से प्रतिदिन 5 लाख से अधिक लोग गुजरते हैं। मालूम हो, शहर के व्यस्ततम इलाकों में रीगल क्षेत्र भी शामिल है। शास्त्री ब्रिज(Shastri Bridge) पर यातायात का अधिक दबाव रहता है। रीगल तिराहे से पालिका प्लाजा जाने वाले मार्ग पर 100 मीटर की दूरी पर सुलभ शौचालय के लिए पानी की टंकी बनी है। इसी जगह सड़क और फुटपाथ का करीब 20 मीटर का हिस्सा धंसा है।
Shastri Bridge के बारे में
-1953 में हुआ था ब्रिज का निर्माण
करीब 500 मीटर है ब्रिज की चौड़ाई
प्रतिदिन 5 लाख से अधिक लोगों की आवाजाही
पहले भी पिलर कमजोर होने की थी जानकारी
शास्त्री ब्रिज की मजबूती पर सवाल उठते रहे हैं। पूर्व में इसकी मरमत करने और नया बनाने पर चर्चा हुई थी। वर्षों पहले ब्रिज के पिलर कमजोर होने के चलते सुधार कार्य किया गया था। इसकी चौड़ाई बढ़ाने का प्लान भी था, लेकिन तकनीकी रूप से मामला उलझने से इसे रोक दिया गया।
करेंगे इंतजाम
नगर निगम के अधीक्षण यंत्री डीआर लोधी के मुताबिक, जानकारी मिलते ही बुधवार रात को एक्सपर्ट के साथ जाकर परीक्षण कराया था। शुरुआती जांच में पता चला है कि निर्माण के वक्त यहां किसी मटेरियल की फिलिंग की गई होगी, जिसके दबने से एक हिस्सा अंदर चला गया है। इसके आसपास की दीवार या स्ट्रक्चर में अन्य कोई निशान नहीं है। यदि ब्रिज का बेस धंसता तो दीवार और डामर पर भी क्रेक आता। सुरक्षा के लिए सुधार करवाया जाएगा।

