
रिश्वत लेकर राजवाड़ा इलाके में नो एंट्री में ट्रक को घुसाने वाले एएसआई को पुलिस ने बर्खास्त (अनिवार्य सेवानिवृत्ति) दे दी है।
पिछले महीने 17 सितंबर को ट्रैफिक एएअसाई राम अवतार दीक्षित की ड्यूटी राजवाड़ा इलाके में लगी थी। दीक्षित ने एक मिनी ट्रक को 1500 रुपए की रिश्वत लेकर इलाके में अवैध रूप से ट्रक को आने दिया।
एएसआई दीक्षित ने रिश्वत के ये पैसे एक दुकानदार के खाते में ट्रांसफर करवाए थे। एएसआई पर आरोप है कि वह अकसर रिश्वत के पैसे गुरुनानक कलेक्शन के मालिक के खाते में ही जमा करवाता था।
पुलिस ने इस मामले में संज्ञान लेकर एसीपी आरके सिंह ने इस मामले की जांच सौंपी। जांच में रिश्वत की बात सही पाई गई। रिश्वत देने वाले ट्रक ड्राइवर के भी बयान हुए।
क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि जांच में दीक्षित को लापरवाही एवं भ्रष्ट आचरण में दोषी पाया गया। इसके बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
17 सितंबर को ऐसे रिश्वत लेकर ट्रक छोड़ा था दीक्षित ने
एएसआई राम अवतार दीक्षित ने पहले मिनी ट्रक (आयशर) को रोका और पांच हजार रुपए का चालान बनाने की धमकी दी। बाद में ट्रक मालिक से बात कर मोलभाव करने लगे। 1500 रुपए में सौदा तय होते ही पास के गुरुकृपा कलेक्शन के बार कोड पर पैसे ट्रांसफर करा लिए।
दुकानदार ने कहा, हमें यहां रहकर धंधा करना है, पुलिस से दुश्मनी नहीं कर सकते। वो दिन में कई बार हमारे खाते में पैसे डलवाते हैं और शाम को पैसा ले जाते हैं। कई अन्य दुकानें भी हैं, जिनके खाते में पुलिसवाले पैसे डलवाते हैं। उधर, ड्राइवर गणेश ने बताया कि बाद में दो जगह और रोका गया, जैसे ही बताया कि पैसे देकर आ रहे हैं तो छोड़ दिया।
दोपहर में जब ट्रैफिक ज्यादा तभी राजवाड़ा पर घुसाया ट्रक
दोपहर 2:00 बजे इमली साहब गुरुद्वारा चौराहे पर एएसआई रामअवतार दीक्षित ने आयशर (MP-09 GG-2538) को नो एंट्री में आने पर रोका। एएसआई ने आयशर चालक गणेश बासुरे को थप्पड़ जड़ दिए। दोनों हेल्परों को भी डांटा और 5 हजार के चालान की बात कही।
ड्राइवर ने आयशर मालिक से बात कराई। एएसआई ने गुरुनानक कलेक्शन पर ड्राइवर को भेजा। ड्राइवर ने क्यूआर कोड मालिक को भेजा। मालिक ने 1500 डाले। इसके बाद आयशर को जाने दिया।
