
इंदौर में 15 सितंबर की शाम हुए दर्दनाक हादसे पर चीफ जस्टिस की बैंच सुनवाई कर रही है। प्रकरण में पहली सुनवाई जबलपुर स्थित हाई कोर्ट की मुख्य पीठ में हुई थी। शुक्रवार को दूसरी सुनवाई हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में हुई। चीफ जस्टिस सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बैंच ने सुनवाई की।
बड़ा गणपति ट्रक हादसे में चीफ जस्टिस ने की सुनवाई।
कोर्ट ने पूछा कि पांच सिग्नल पार कर कैसे घुस गया ट्रक।
सवाल पूछा लेकिन शासन के वकीलों ने चुप्पी साध ली।
इंदौर। बड़ा गणपति की सड़क पर लोगों को रौंदते हुए निकले ट्रक को आखिर किस अधिकारी या नेता की सिफारिश पर शहर में घुसने की अनुमति मिली। हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने यह सवाल पूछा लेकिन लेकिन शासन के वकीलों ने चुप्पी साध ली। कोर्ट के सामने तथ्य रखे गए थे कि पांच ट्रेफिक सिग्नल को पार करता हुआ बड़ा गणपति तक पहुंचा था। इससे पहले एक जगह पुलिसकर्मी ने ट्रक को रोका भी था लेकिन किसी से फोन पर बात करने के बाद उसे आगे जाने के लिए छोड़ दिया गया। अब हाई कोर्ट ने शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और उस उच्चाधिकारी की जानकारी भी मांगी है जिसके कहने पर एयरपोर्ट रोड से बड़ा गणपति की ओर जाने के लिए ट्रक को अनुमति दी गई थी।इस ट्रक की चपेट में आए चार लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 12 लोग घायल हैं। कोर्ट ने ट्रक की एंट्री के सीसीटीवी फुटेज भी लिए हैं। चीफ जस्टिस ने इस प्रकरण पर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए एमिकस (न्याय मित्र) के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक शरण को नियुक्ति किया था।
