
निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर तहसील स्थित तारा माई मंदिर में रविवार को आस्था का माहौल उस समय दहशत में बदल गया, जब हवन के दौरान धुएं से भड़की मधुमक्खियों ने श्रद्धालुओं पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में इंदौर से आए एक ही परिवार के 9 लोग बुरी तरह घायल हो गए, जिन्हें गंभीर हालत में झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
हवन के धुएं से भड़का छत्ता
इंदौर से बाबूलाल माहोर (45), गोमती बाई (55), जमान प्रसाद (60), अनीता (38), उमेश कोयली (40) और तीन बच्चे कार्तिक माहोर (8), गौरी माहोर (13), नितिन माहोर (12) सहित पूरा परिवार कुल माता के पूजन और हवन के लिए मंदिर पहुंचा था।
परिवार जैसे ही हवन की प्रक्रिया कर रहा था, मंदिर परिसर में स्थित नीम के पेड़ पर लगे मधुमक्खियों के छत्ते तक हवन का धुआं पहुंच गया। धुएं से भड़के मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक श्रद्धालुओं पर हमला बोल दिया। देखते ही देखते पूरे परिसर में भगदड़ मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
घायलों को झांसी रेफर किया
घटना की सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और मधुमक्खियों के हमले में घायल सभी 9 सदस्यों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पृथ्वीपुर लाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर परिसर में काफी पहले से मधुमक्खियों का एक बड़ा छत्ता लगा हुआ था। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि प्रशासन और मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए इस बड़े छत्ते को हटाने या सुरक्षा के गंभीर कदम क्यों नहीं उठाए।
