एमपी में पत्रकार ने IPS नागेंद्र सिंह के खिलाफ ठोका मानहानि का मुकदमा


बालाघाट (मध्यप्रदेश)। बालाघाट जिले के वरिष्ठ पत्रकार मिलिंद ठाकरे ने जिले के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक नागेंद्र सिंह के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। आरोप है कि नागेंद्र सिंह ने एक प्रेसवार्ता के दौरान उन्हें ‘कथित पत्रकार’ कहकर न केवल अपमानित किया, बल्कि उनकी पेशेवर छवि धूमिल करने का प्रयास भी किया।
मामला क्या है?
7 अप्रैल 2025 को पत्रकार मिलिंद ठाकरे पर नकाबपोश हमलावरों ने जानलेवा हमला किया था। आरोप है कि यह हमला जिले के राइस मिलर विशाल गंगवानी ने सुपारी देकर कराया था। पुलिस जांच में सामने आया कि गंगवानी ने व्यवसायिक विवाद को लेकर ठेके पर 30 हजार रुपये देकर हमलावरों को हमला करने भेजा। बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने मिडटाउन होटल, गोंदिया रोड के पास ठाकरे पर चाकू से वार कर उन्हें घायल कर दिया।
मामले की FIR अपराध क्रमांक 116/25 थाना कोतवाली में दर्ज की गई। पुलिस ने करीब 300 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान की और विकास एवं सूरज नामक युवकों को गिरफ्तार किया।
प्रेसवार्ता में दिया गया विवादित बयान
हमले का खुलासा करने के लिए तत्कालीन एसपी नागेंद्र सिंह ने पुलिस कंट्रोल रूम में प्रेसवार्ता की थी। इस दौरान उन्होंने आरोपी विशाल गंगवानी का नाम उजागर करते हुए कहा कि पत्रकार मिलिंद ठाकरे ने उसके व्यवसाय से संबंधित शिकायतें की थीं। जबकि ठाकरे का कहना है कि उन्होंने ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।
यही नहीं, प्रेसवार्ता के दौरान एसपी ने मिलिंद ठाकरे को ‘कथित पत्रकार’ कहकर अड़ीबाजी करने का आरोप भी लगाया। इस बयान को कई समाचार पत्रों और चैनलों ने प्रकाशित–प्रसारित किया, जिससे पत्रकार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँची।
मानहानि नोटिस और केस
अपमानजनक टिप्पणी से आहत होकर पत्रकार मिलिंद ठाकरे ने तत्कालीन एसपी को कानूनी नोटिस भेजा था। नोटिस में उनसे या तो आरोपों को साबित करने या फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया था। ठाकरे ने इसके लिए एक माह का समय भी दिया, लेकिन नागेंद्र सिंह की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
इसके बाद पत्रकार ने माननीय न्यायालय में मानहानि का दावा दायर किया है। अब यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

