
जिला शिक्षा अधिकारी शांता स्वामी ने सोमवार को शासकीय उ. मा. सुभाष विद्यालय का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान 11 शिक्षक उपस्थित मिले और 21 शिक्षक और स्टाफ अनुपस्थित मिला। जिसपर अनुपस्थित शिक्षकों और स्टाफ का एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की गई।
इंदौर। प्रदेश के शासकीय स्कूलों में शिक्षकों को समय पर पहुंचाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रहा है। इसके लिए ऐप के जरिए उपस्थिति दर्ज करने के आदेश जारी किए है। लेकिन इसके बावजूद समय पर शिक्षक स्कूलों में नहीं पहुंचते हैं या फिर उपस्थिति दर्ज कर गायब हो जाते हैं।
शिक्षा अधिकारी ने किया औचक निरीक्षण
जिला शिक्षा अधिकारी शांता स्वामी ने सोमवार को शासकीय उ. मा. सुभाष विद्यालय का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान 11 शिक्षक उपस्थित मिले और 21 शिक्षक और स्टाफ अनुपस्थित मिला। जिसपर अनुपस्थित शिक्षकों और स्टाफ का एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की गई।
छात्रों को भुगतनी पड़ रही है शिक्षकों की लापरवाही
गौरतलब है कि जिला शिक्षा अधिकारी जब निरीक्षण करने के लिए पहुंची तो यहां स्कूल के प्राचार्य शरद धारवाल ही मौके पर नहीं मिले। ऐसे में अन्य स्टाफ कैसे मौजूद रहेगा। शिक्षकों द्वारा की जाने वाली इन्हीं लापरवाही का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ता है। इसके कारण विद्यार्थियों का कोर्स समय पर नहीं हो पाता है। इसी तरह उपस्थिति लगाकर शहर के कई शासकीय स्कूलों के शिक्षक वापस चले जाते हैं।
