
बिजली कंपनी के जूनियर इंजीनियर शैलेंद्र पाटकर को लोकायुक्त टीम ने गुरुवार को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। टीम ने जब उसे पकड़ा तो पहले वह गिड़गिड़ाने लगा। बाद में ब्लड प्रेशर बढ़ने और चक्कर आने का बहाना कर जमीन पर बैठ गया। नाटक के बाद भी जब कार्रवाई जारी रही तो थोड़ी देर बाद सामान्य हो गया।
सुभाष चौक जोन का जेई पाटकर गोडाउन में 10 किलोवॉट के बिजली कनेक्शन की फाइल मंजूर करने के नाम पर घूस मांग रहा था। पिछले 10 महीने में सुभाष चौक जोन का यह दूसरा जूनियर इंजीनियर है, जिसे घूसखोरी में रंगेहाथों पकड़ा गया।
लोकायुक्त एसपी डॉ. राजेश सहाय को पीड़ित सूर्यकांत सोनाने ने शिकायत की थी। इसके मुताबिक नलिया बाखल में एक गोडाउन में 10 किलोवॉट का कनेक्शन दिए जाने का आवेदन किया था। जेई 1 किलोवॉट के एक हजार रुपए के हिसाब से 10 हजार रुपए देने पर ही कनेक्शन मंजूर करने की बात कह रहा था।
इस कार्रवाई के बाद आरोपी जेई शैलेंद्र पाटकर का खरगोन ट्रांसफर कर दिया गया है। पहले भी देवास के ट्रांसफर घोटाले में इसकी भूमिका संदिग्ध पाई गई थी।
हर महीने 3 रिश्वतखोर पकड़ा रहे
लोकायुक्त संगठन ने जनवरी से अगस्त तक कुल 25 घूसखोरों को रिश्वत लेते पकड़ा है। औसत 3 रिश्वतखोर हर महीने पकड़ा रहे हैं। वहीं बिजली कंपनी के पिछले 10 महीनों में कुल सात इंजीनियर-कर्मचारी पकड़ा चुके हैं। इनमें से 1 सहायक और 2 जूनियर इंजीनियर स्तर के अफसर हैं। वहीं चार कर्मचारी स्टाफ के हैं।
विजिलेंस की भी शिकायत
पिछले दिनों सत्यसाईं चौराहा के समीप एक होटल में ज्यादा लोड होने का केस दर्ज नहीं करने पर बिजली कंपनी की विजिलेंस टीम और इंजीनियर पहुंच गए थे। मामले में 75 हजार रुपए लिए गए थे। कंपनी प्रबंधन ने इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया था। मस्टरकर्मियों को भी बाहर कर दिया था। कार्यपालन यंत्री के अफसर कंपनी में कांट्रैक्ट लेने वालों को आगे रखकर यह काम करवा रहे हैं।
1 लाख लेते पकड़ाया था इंजीनियर
24 अक्टूबर 2024 को इसी जोन के सहायक इंजीनियर पुष्पेंद्र साहू और मस्टरकर्मी अजरूद्दीन कुरैशी को भी लोकायुक्त पुलिस ने 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा था। दोनों घूसखोर भी घरेलू कनेक्शन देने के बदले में रिश्वत मांग रहे थे। जेई ने रिश्वत की राशि मांगी और मस्टरकर्मी के हाथों में पैसा दिलवाया था।
