
इंदौर की जिला कोर्ट ने लव जिहाद के लिए फंडिंग के आरोप में फरार पार्षद अनवर कादरी को पेश होने के लिए एक माह का समय दिया है। 5 अगस्त को उसकी बेटी आयशा की रिमांड अवधि खत्म होने पर उसे कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान आयशा की 6 दिन के लिए रिमांड और बढ़ा दी है।
कोर्ट कहा है कि अगर वह (अनवर कादरी) सामने नहीं आता है तो उसकी संपति कुर्क करने को लेकर नोटिस जारी किया जाएगा।
दूसरी ओर, क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया का कहना है कि फरारी के दौरान पुलिस ने कादरी पर 15 हजार का इनाम घोषित किया है। पार्षद के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है।
कादरी को कोर्ट ने अभी फरार ही माना
कादरी को कोर्ट ने अभी फरार ही माना है, वह भगोड़ा नहीं है। एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे का कहना है कि अनवर कादरी के पास पासपोर्ट नहीं है। ऐसे में संभव है कि वह विदेश नहीं भागा है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसे भगोड़ा घोषित करने का प्रावधान नहीं बनता है। देश के बाहर भी आरोपी की गिरफ्तारी की जा सकती है।
कोर्ट कहा है कि अगर वह (अनवर कादरी) सामने नहीं आता है तो उसकी संपति कुर्क करने को लेकर नोटिस जारी किया जाएगा।
दूसरी ओर, क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया का कहना है कि फरारी के दौरान पुलिस ने कादरी पर 15 हजार का इनाम घोषित किया है। पार्षद के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है।
कादरी को कोर्ट ने अभी फरार ही माना
कादरी को कोर्ट ने अभी फरार ही माना है, वह भगोड़ा नहीं है। एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे का कहना है कि अनवर कादरी के पास पासपोर्ट नहीं है। ऐसे में संभव है कि वह विदेश नहीं भागा है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसे भगोड़ा घोषित करने का प्रावधान नहीं बनता है। देश के बाहर भी आरोपी की गिरफ्तारी की जा सकती है।
बेटी अग्रिम जमानत की कर रही थी तैयारी
आयशा दिल्ली में अपने पिता अनवर कादरी की सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत को लेकर तैयारी कर रही थी। उसने दस्तावेज भी तैयार करा लिए थे, जिन पर अनवर के हस्ताक्षर हो गए थे। पुलिस को इसकी जानकारी मिली तो शंका हुई थी कि अनवर बेटी के पास दिल्ली में है और टीम वहां पहुंच गई। यहां से आयशा को गिरफ्तार कर लिया। अनवर भी उसके साथ था, लेकिन फरार हो गया।
‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे, जेल जाना पड़ा
अनवर ने 28 अप्रैल 2025 को इंदौर के वार्ड 58 स्थित बड़वाली चौकी पर पहलगाम हमले के विरोध में पाकिस्तान और आतंकवाद का पुतला दहन किया था। कार्यक्रम के दौरान जैसे ही कादरी ने ‘पाकिस्तान’ शब्द बोला, वहां मौजूद उसके कुछ समर्थकों ने ‘जिंदाबाद’ के नारे लगा दिए। इस मौके पर बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे।
घटना के वीडियो को लेकर बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इस पर अनवर कादरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
कादरी ने 14 साल पहले काटी थी एक साल की सजा
2011 में कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी, उसके भाई और एक अन्य आरोपी को जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने एक-एक साल के कारावास की सजा सुनाई थी। यह हमला 6 मई 2009 को इंदौर के आजादनगर चौराहे के पास अनवर हुसैन पर किया था।
अनवर हुसैन आरोपियों पर चल रहे एक अन्य मामले में गवाह था। पुलिस ने कादरी समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से पिस्तौल, कट्टा, तलवार और चाकू बरामद किए गए थे।
उज्जैन में डकैती का केस, इसी से मिला डकैत नाम
अनवर कादरी पर 1996 में उज्जैन के महाकाल थाने में डकैती का केस दर्ज किया गया था। इसके बाद उसे अनवर डकैत के नाम से पहचाना जाने लगा। अनवर ने इंदौर में भी मारपीट, घर में घुसकर धमकाने जैसी कई घटनाओं को अंजाम दिया।
अनवर कांग्रेस से तीन बार पार्षद रह चुका है। उसकी पत्नी दो बार पार्षद रही है। प्रमोद टंडन के शहर कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए अनवर को शहर कांग्रेस का महामंत्री भी नियुक्त किया गया था। उसने एक बार निर्दलीय चुनाव भी लड़ा था।
दो युवकों ने बताया था अनवर फंडिंग करता है
इंदौर पुलिस ने साहिल शेख और अल्ताफ के खिलाफ दो युवतियों के साथ रेप और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान सामने आए वीडियो में दोनों आरोपियों ने कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी का नाम लिया, जिस पर उन्हें लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाने और निकाह के लिए पैसों का लालच देने का आरोप है। पुलिस को मिले वीडियो साक्ष्यों और आरोपियों के बयान के आधार पर पार्षद अनवर कादरी का नाम एफआईआर में जोड़ा गया था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने सोशल मीडिया पर फर्जी हिंदू नामों से आईडी बनाकर युवतियों से संपर्क किया था। मोबाइल जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वे ‘अर्जुन’ और ‘राज’ जैसे नामों का इस्तेमाल कर लड़कियों से दोस्ती करते और फिर उन्हें बहलाकर मुलाकात के लिए बुलाते थे। इसके बाद शादी और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाता था।
साहिल शेख और अल्ताफ ने पुलिस को बताया था कि अनवर ने युवकों को एक लड़की को फंसाने के लिए एक लाख रुपए और निकाह कराने पर दो लाख रुपए देने की बात कही थी। जांच में पता चला था कि यह एक संगठित गिरोह की साजिश हो सकती है। पुलिस इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है और आगे जल्द ही बड़े खुलासे संभव हैं।
