
इंदौर जिला प्रशासन अब शासकीय कामकाज को अधिक पारदर्शी, सरल और जनहितैषी बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करने की दिशा में ठोस कदम बढ़ा रहा है। इसी क्रम में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत एक ‘हैकथॉन’ आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी आज कलेक्टर कार्यालय में सम्पन्न हुई समयसीमा के पत्रों के निराकरण (टीएल) तथा अंतर विभागीय समन्वय समिति की बैठक में दी गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने बताया कि इस हैकथॉन में आईटी और एआई क्षेत्र के विशेषज्ञ, नवाचारकर्ता और तकनीकी विद्यार्थियों को आमंत्रित किया जाएगा। यह कार्यक्रम शासकीय कामकाज में तकनीकी नवाचार के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने बताया कि हैकथॉन का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में तकनीकी समाधान तलाशना है। कार्यक्रम के माध्यम से अवैध निर्माण को रोकने, सतत निगरानी, जनसुनवाई प्रणाली को प्रभावी बनाने और साइबर फ्रॉड की रोकथाम जैसे विषयों पर व्यावहारिक सुझाव और समाधान आमंत्रित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इंदौर में शासन की कई योजनाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित की जा रही हैं और इनकी दक्षता बढ़ाने के लिए तकनीकी नवाचार आवश्यक हैं। हैकथॉन के माध्यम से स्मार्ट और सुरक्षित इंदौर की दिशा में प्रशासन ठोस पहल करेगा। यह हैकथॉन न केवल तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि शासन की पारदर्शिता और जनहित सुनिश्चित करने की दिशा एक बड़ी पहल है।
इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री शिवम वर्मा, स्मार्ट सिटी के सीईओ श्री दिव्यांक सिंह, जिला पंचायत के सीईओ श्री सिद्धार्थ जैन, आईडीए के सीईओ श्री आर.पी. अहिरवार, अपर कलेक्टर श्री गौरव बेनल, श्री रोशन राय, श्री रिंकेश वैश्य व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में समग्र आईडी के ई-केवाईसी कार्य को गति देने, भिक्षा मुक्त अभियान को और सशक्त बनाने तथा अवैध स्कूली वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने बैठक में बताया कि जिले में समग्र आईडी को आधार से लिंक कर ई-केवाईसी किए जाने का कार्य तेज़ी से चल रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि डुप्लीकेट या गलत समग्र आईडी को तत्काल हटाया जाए और नागरिकों को प्रोत्साहित किया जाए कि वे अपनी समग्र आईडी का ई-केवाईसी करवाएं। जिले में अब तक 4 लाख डुप्लीकेट ई-केवाईसी हटाई जा चुकी हैं।
कलेक्टर ने भिक्षावृत्ति मुक्त इंदौर अभियान को और गति देने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को निर्देश दिए कि शहर में अवैध रूप से संचालित स्कूली वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही पालकों को जागरूक किया जाए कि वे अपने बच्चों को केवल अधिकृत वाहनों से ही स्कूल भेजें।
