
पूरी कॉलोनी में सन्नाटा पसरा हुआ था। करीब पांच बजे जैसे ही शव घर पहुंचा, रुदन की आवाज सुनाई देने लगी। हर कोई राजा के शव को देखना चाहता था। लेकिन शव ऐसी स्थिति में नहीं था कि दर्शन के लिए ताबूत से निकाला जाए। अंतिम दर्शन के लिए ताबूत पर राजा का फोटो लगाया गया। 15 मिनट के अंदर शव रीजनल पार्क मुक्तिधाम रवाना करवा दिया गया।ताबूत से नहीं निकाल सके शव,फोटो से ही करवाए अंतिम दर्शन।

हनीमून मनाने शिलांग गए ट्रांसपोर्टर राजा का शव मिल चुका है।घटना के 13वें दिन शव घर पहुंचा,पत्नी सोनम की अभी भी तलाश।
इंदौर। सहकार नगर निवासी राजा रघुवंशी का बुधवार को शव घर पहुंचा।13 दिन पूर्व हनीमून मनाने गए राजा की शिलांग में हत्या कर दी थी। डिकंपोज होने ने कारण शव ताबूत से बाहर नहीं निकाल सके। ताबूत पर फोटो चस्पा कर परिवार को अंतिम दर्शन करवाना पड़े। राजा की पत्नी सोनम की तो अभी भी तलाश जारी है। दोपहर को शिलांग पुलिस ने जैकेट मिलने का दावा किया है। हालांकि परिवार ने इनकार किया है।30 वर्षीय राजा का सोमवार को शव डबल डेकर(रियात अर्लियांग) की खाई में शव मिला था।

मंगलवार को ईस्ट खासी हिल्स(शिलांग) पुलिस ने शव का पोस्ट मार्टम करवा कर भाई विपिन को सुपुर्द कर दिया।बारिश के कारण शव खराब हो चुका था।उसको ताबूत में पैक कर फ्लाइट से इंदौर लाया गया।इसके पूर्व राजा के घर रिश्तेदार,स्वजन,परिचितों की भीड़ लग गई। पूरी कॉलोनी में सन्नाटा पसरा हुआ था।करीब पांच बजे जैसे ही शव घर पहुचां रुदन की आवाज सुनाई देने लगी।हर कोई राजा के शव को देखना चाहता था। लेकिन शव इस स्थिति में नहीं था कि दर्शन के लिए ताबूत से निकाला जाए।अंतिम दर्शन के लिए ताबूत पर राजा का फोटो लगाया गया।15 मिनट के अंदर शव रीजनल पार्क मुक्तिधाम रवाना करवा दिया गया।
भीड़ देख कर मां को शक हुआ तो मंदिर से गए स्वजन
राजा की मां उमा और पिता अशोक को मौत की खबर नहीं दी गई थी।मंगलवार रात मिलने वालों की भीड़ लगने लगी तो उमा को शक हुआ।रिश्तेदार जितेंद्र से पूछा तो बात टालना पड़ी।उमा ने कहा मुझे बेटे की सलमाती के लिए मंदिर जाना है।रात में उमा को रणजीत हनुमान मंदिर ले जाना पड़ा।बेटे की मौत से बेखबर उमा मंदिर में प्रार्थना करती रही।बुधवार को जैसे ही शव घर आया उमा बेहोश हो गई।
बार-बार बेहोश हो रहे राजा और सोनम के पिता
राजा के पिता की हालत ज्यादा खराब थी। वह बेटे का जिक्र कर बेहोश हो जाते थे।दोपहर को तो उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। सोनम के पिता भी हार्ट पेशेंट है।उन्हें भी संभालना मुश्किल हो गया।सोनम के पिता ने कहा हमने बेटा(राजा) खो दिया लेकिन बेटी नहीं खोना चाहते हैं।उसे जिंदा देखना चाहते है। इसके लिए वह मुंहमांगी कीमत देने के लिए तैयार है।
सीबीआई जांच की मांग
परिजनों ने घर पर बैनर लगाया है। उसमें लिखा गया कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार से राजा की आत्मा करे पुकार,मैं मरा नहीं मुझे मारा गया है। सीबीआई से जांच करवाई जाए। भाई सचिन ने कहा जब राजा की हत्या हुई वह यही सोच रहा होगा। उसकी हत्या हुई है। इसकी सीबीआई से जांच करवाना चाहिए।
शादी के लिए सजाए घर में अर्थी सजाना पड़ी
राजा की मौत से पूरा घर सदमे में है।राजा की कुशवाह नगर निवासी सोनम से 11 मई को ही शादी हुई थी।उसके भाई सचिन और विपिन ने फूलो से सजावट की थी।24 दिन बाद उसी घर में राजा की अर्थी सजाना पड़ी। परिवार ने कहा हत्या लूट और मानव तस्करी के लिए की गई है।राजा से सारे आभूषण(चेन,अंगूठी,ब्रेसलेट) लूट लिए हैं। सोनम का अभी तक पता नहीं चल पाया है।40 किमी की दूरी पर बांग्लादेश सीमा है। विपिन ने कहा मानव तस्करी भी हो सकती है। पूर्व में भी कपल गायब हुए है। पुलिस और सरकार यह मानने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने तो हत्या से भी इनकार किया था। 8 दिन तक पुलिस ने सर्चिंग में रुचि नहीं दिखाई।तीन दिन पूर्व पुलिस सक्रीय हुई और राजा का शव मिला। सोनम का क्या हुआ होगा यह अभी भी सवाल बना हुआ है।राजा का अंतिम संस्कार रीजनल पार्क मुक्तिधाम पर हुआ। उसको भाई विपिन के सात वर्षीय बेटे विधान ने मुखाग्नी दी।

