
मध्यप्रदेश सरकार अब राज्य में नया किराएदारी अधिनियम लागू करने जा रही है, जिससे मकान मालिक और किराएदारों के बीच के विवादों को कानूनी और व्यवस्थित तरीके से सुलझाया जा सके।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इस अधिनियम का प्रारूप तैयार कर लिया है, जिसे विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। इस अधिनियम के तहत किराएदार को तय अवधि पूरी होने के बाद मकान खाली करना अनिवार्य होगा, और अनुबंध के बिना किसी उप-किराएदार को नहीं रखा जा सकेगा। साथ ही, मकान मालिक को भी किराएदार को बेवजह परेशान करने की अनुमति नहीं होगी।
प्रत्येक जिले में किराया अधिकरण की स्थापना की जाएगी, जहां डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी को किराया प्राधिकारी बनाया जाएगा। किराया विवादों का निपटारा अतिरिक्त कलेक्टर की कोर्ट में होगा और शिकायतों को 60 दिनों के भीतर सुलझाना अनिवार्य होगा।
