इंदौर की स्वच्छता व्यवस्था अब देश के अन्य राज्यों के लिए मिसाल बन चुकी है। महाराष्ट्र की उपसभापति नीलम गोरे ने इंदौर की तारीफ करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत अभियान में इंदौर की भूमिका अहम रही है, और महाराष्ट्र इस मॉडल को अपनाने की दिशा में गंभीरता से प्रयास करेगा।महाराष्ट्र की उपसभापति नीलम गोरे ने इंदौर दौरे के दौरान नगर निगम की स्वच्छता प्रणाली की सराहना की। उन्होंने बताया कि इंदौर की सफलता के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं – पहला, घर-घर से निकलने वाले छह प्रकार के कचरे का पृथक्करण। दूसरा, बीपीपी मॉडल पर आधारित वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट्स, जिससे नगर निगम को आर्थिक लाभ होता है। और तीसरा, मजबूत ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट, जिसमें जनता की भागीदारी भी शामिल है।
मुंबई, पुणे, नासिक जैसे शहरों में इंदौर मॉडल को समझने और अपनाने का प्रयास होगा। सामाजिक इच्छा शक्ति के साथ अगर तकनीक का सही उपयोग किया जाए, तो महाराष्ट्र भी स्वच्छता के मामले में देश में अग्रणी बन सकता है। इंदौर नगर निगम पालिका के नेतृत्व में जो तकनीकी और प्रशासनिक मॉडल तैयार किया गया है, वह देशभर के लिए आदर्श बन रहा है। अब महाराष्ट्र के विभिन्न शहर भी इंदौर के अनुभवों से सीखकर अपनी स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने की तैयारी कर रहे हैं।
