
आम नागरिकों के दम पर ही आज इंदौर लगातार सात बार से स्वच्छता में नंबर वन है। इसकी सबसे बड़ी वजह सफाई की आदत है। लोगों की यही अच्छी आदत शहर के सुगम ट्रैफिक के लिए भी चाहिए। क्योंकि सड़कों पर ट्रैफिक जाम का एक सबसे बड़ा कारण रोड पर वाहन खड़े करना भी है। ‘बस दो मिनट…’ आने का बोलकर वाहन खड़े करने से शहर के कई रास्ते 30 फीसदी से लेकर 60% तक अवैध पार्किंग की भेंट चढ़ जाते हैं।
इसका नतीजा ट्रैफिक जाम के रूप में आमजन को ही भुगतना पड़ रहा है। जबकि सड़क सुरक्षा समिति ने भी सुगम ट्रैफिक के लिए प्रशासन, नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस का एक संयुक्त दल बनाया है, लेकिन इतने प्रयासों के बाद भी शहर की कई मुख्य सड़कों से ट्रैफिक में निकलने में परेशानी आती है। इसकी बानगी के रूप में शहर की सबसे प्रमुख सड़क एमजी रोड का ही हाल देखिए।
राजबाड़ा से पलासिया चौराहे तक एमजी रोड पर कई जगह 30% तो कई जगह आधे से ज्यादा सड़क पर वाहन पार्क रहते हैं। जबकि यह रोड कहीं 60, 80 तो कहीं 100 फीट तक चौड़ी है, फिर भी ट्रैफिक जाम होता है। इसी तरह के हालात शहर की कई प्रमुख सड़कों पर हैं, जहां अवैध पार्किंग के कारण वाहन चालक रोज ट्रैफिक जाम की परेशानी भुगत रहे हैं। जिम्मेदारों को इसके लिए सख्ती करने की जरूरत है।
कुछ स्थान, जहां शहर में यह स्थायी परेशानी
एमवाय अस्पताल के सामने दवा बाजार के आसपास भी ऐसी ही स्थिति रहती है। दवा बाजार की बाहरी पार्किंग में वाहन सड़क तक पार्क रहते हैं।
कलेक्टोरेट के सामने मोती तबेला तक एक लेन दोनों ओर वाहनों की पार्किंग से जाम रहती है। इनमें कुछ वाहन स्थाई तौर पर खड़े रहते हैं।
भंवरकुआं चौराहे के लेफ्ट व राइट टर्न दोनों पर वाहन सड़क तक खड़े रहते हैं। थाने के सामने से पानी की टंकी तक यह परेशानी होती है।
रेस कोर्स रोड यहां पर मल्टी स्टोरी में शो रूम व दूसरी ओर प्रदर्शनियां लग रही है। इसकी एक लेन में दिनभर चार पहिया वाहन खड़े मिलेंगे।
मधुमिलन से गीता भवन व नाथ मंदिर की ओर जाने वाले इस रोड पर ढक्कन वाला कुंआ के आसपास रजिस्ट्रार कार्यालय, निजी भवनों के कार्यालयों के वाहन सड़क को घेरे रहते हैं।
यहां पर भी परेशानी: जवाहर मार्ग, सुभाष मार्ग, ग्रेटर कैलाश रोड़, विवेकानंद स्कूल रोड, हाईकोर्ट चौराहा, छप्पन दुकान, बीआरटीएस, छावनी, अन्नपूर्णा रोड, रेसकोर्स रोड, जवाहर मार्ग, रणजीत हनुमान मंदिर, खातीवाला टैंक सहित कई स्थानों पर रोजाना परेशान हो रहे लोग
समाधान- जयवंत होलकर, मास्टर प्लान विशेषज्ञ
शहर में यह परेशानी आम है। इसका समाधान प्रशासन, दुकानदार व आम नागरिक ही कर सकते हैं।
कुछ स्थानों पर यह परेशानी लोक परिवहन वाहनों की अवैध पार्किंग से भी हो रही है। इन पर भी रोक लगना चाहिए। इनके खिलाफ लगातार अभियान चलाना चाहिए।
वाहन चालकों को भी जागरूक करें, नहीं मानें तो स्पॉट फाइन जैसे प्रावधान सख्ती से लागू करें।
दिन में वाहन जब्त करने के लिए चलाई जा रही क्रेन का लक्ष्य ऐसे वाहनों को हटाने में करें।
सड़क सुरक्षा समिति द्वारा तय दल भी फुटपाथ, अतिक्रमण के साथ इस तरह के वाहनों पर कार्रवाई करें, क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करें।
