
मध्य शहर को सीधे सुपर कॉरिडोर से जोड़ने वाली नंदबाग सड़क पर सोमवार को बड़ी रिमूवल कार्रवाई हुई। सुबह 8 बजे 7 पोकलेन और 10 जेसीबी के साथ पहुंचे नगर निगम के अमले ने यहां 50 से ज्यादा कच्चे-पक्के बाधक मकान तोड़े। निगम प्रशासन का कहना है कि मास्टर प्लान की सड़क में यह मकान बाधक थे। सभी को पहले ही नोटिस दिया जा चुका है।
सुबह रिमूवल अमला स्कीम 155 से खड़े गणपति की तरफ टिगरिया बादशाह पर कार्रवाई के लिए पहुंचा। यहां 100 फीट चौड़ी सड़क बनाई जाना है। इस पर 63 मकान बाधक थे। कार्रवाई के दौरान उपायुक्त लता अग्रवाल, भवन अधिकारी आनंद रेदास, रिमूवल प्रभारी बबलू कल्याणे और पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे। लंबे समय से यहां सड़क का काम अटका था। सालों से यहां रह रहे कुछ रहवासी स्वेच्छा से भी मकान तोड़ने लगे थे।
10 दिन पहले दिए थे नोटिस, वर्तमान में कहीं 60 फीट चौड़ी तो कहीं इससे भी कम
नंदबाग सड़क मध्य क्षेत्र को सीधे सुपर कॉरिडोर से जोड़ती है। आगे जाकर यह सड़क एमआर- 5 से जुड़ जाती है। मास्टर प्लान में इसकी चौड़ाई 100 फीट है। वर्तमान में कहीं यह 60 फीट चौड़ी है तो कहीं इससे कम है। निगम ने 10 दिन पहले लोगों को नोटिस दिए थे और स्वेच्छा से बाधक हिस्से हटाने के लिए कहा था। तय मियाद तक लोगों ने निर्माण नहीं तोड़े थे।
इधर, खुद ही सड़क से अतिक्रमण हटाएंगे मालवा मिल के व्यापारी
मालवा मिल के व्यापारियों ने तय किया है कि वे स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाएंगे। प्रशासन और नगर निगम ने 3 दिन पहले मालवा मिल अनाज मंडी व आसपास क्षेत्र में कार्रवाई की थी। इससे व्यापारी नाराज थे। व्यापारी एमआईसी सदस्य नंदकिशोर पहाड़िया से मिले। इसके बाद तय किया गया कि व्यापारी स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाएंगे।
एमआईसी सदस्य पहाड़िया ने एसडीएम से बात की। जोनल अधिकारी अंकेश बिरथरिया के साथ एसडीएम प्रदीप सोनी वहां पहुंचे। व्यापारियों से बात की गई। वे बोले कि हम निगम का सहयोग करते हैं। भविष्य में भी करेंगे। आपसी बात कर यह तय किया गया कि 3 दिन में स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाएंगे और आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करेंगे। पहाड़िया ने कहा कि जनहित में और यातायात व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए सभी प्रतिबद्ध हैं।
