
शहर में कानून व्यवस्था और लोक शांति बनाए रखने के लिए पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने कुछ प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
बीएनएसएस की धारा-163 के तहत जारी आदेशों में सबसे अहम यह है कि नगरीय सीमा में कोई भी धार्मिक संस्था, राजनीतिक संगठन, वेतन भोगी, शासकीय कर्मचारी आदि कोई आयोजन, धरना, जुलूस, प्रदर्शन नहीं कर सकेंगे, जब तक कि इसके लिए विधिवत अनुमति नहीं ली गई हो। यदि अनुमति मिली भी हो तो जुलूस, धरना प्रदर्शन, धार्मिक आयोजन, विवाह आयोजन, जन्म दिवस आदि में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र या विस्फोटक सामग्री का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
ट्रैफिक भी नहीं रोक सकेंगे
प्रमुख मार्गों व चौराहों पर प्रदर्शन, धरना, चक्काजाम या किसी तरह भीड़ जुटाकर ट्रैफिक बाधित करते हैं तो पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। साथ ही किसी भी सार्वजनिक स्थान, भवन, चौराहे पर अस्त्र-शस्त्र, विस्फोटक सामग्री लेकर खड़े नहीं हो सकेंगे। आदेश नहीं मानने वालों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।
यह आदेश मंगलवार से लेकर 7 जनवरी 2025 तक लागू रहेगा। एक और आदेश जारी किया है। इसमें किसी भी बाहरी व्यक्ति जैसे कि शहर-गांव से आकर ठहरे अजनबी, किराएदार, कर्मचारी, मजदूर, यात्री या होस्टल में आए छात्र-छात्राओं की जानकारी अपने क्षेत्र के थाने में देना जरूरी है। अन्यथा संबंधित व्यक्ति, संस्था, होस्टल या घर मालिक पर एक्शन लिया जाएगा।
ड्रग्स विक्रय का रखें रिकॉर्ड
ड्रग्स को लेकर भी आदेश जारी किया है। इसमें नाइट्रावेट, नाइट्राजिपॉम, डायजेपाम, अल्प्राजोलम, कोडिन, फास्फेट जैसी साइकोट्रॉपिक ड्रग्स बिना किसी रजिस्टर्ड फर्म या डॉक्टर की सलाह के न दी जाए। साथ ही दी गई ड्रग्स का पूरा रिकॉर्ड भी मेंटेन करना होगा। सभी पेट्रोल पंप संचालकों के लिए निर्देश हैं कि डिब्बे, बोतल या अन्य किसी तरह से खुले तौर पर पेट्रोल-डीजल, ऑइल जैसे ज्वलनशील पदार्थ न दें। इसे सख्ती से लागू करें।
