
रिंकू भाटिया अमृतधारी ना होने के कारण चुनाव लड़ने के योग्य नहीं
रिंकू की उम्मीदवारी को 11 आपत्तियों के माध्यम से दी चुनौती
पहले 1 साल के लिए चुनाव जीता और 12 साल तक पद पर बैठा रहा
गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष पद का उपयोग शराब के कारोबार को बढ़ाने में किया
इंदौर । श्री गुरु सिंह सभा के चुनाव में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी मनजीत सिंह भाटिया उर्फ रिंकू भाटिया के अमृतधारी ना होने के आधार पर उन्हें चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है। इस चुनाव को लेकर आज चुनाव अधिकारी के समक्ष रिंकू भाटिया की उम्मीदवारी के विरुद्ध 11 सदस्यों के द्वारा अलग-अलग आपत्ति प्रस्तुत की गई।
इस आपत्ति में कहा गया कि पिछली बार रिंकू भाटिया 1 वर्ष के लिए गुरु सिंह सभा का प्रधान चुना गया था । इसके बाद उनके द्वारा नियम कानून का उल्लंघन करते हुए 12 साल तक अपने आपको इस पद पर बना कर रखा गया। इन आपत्तियों में कहा गया है कि रिंकू भाटिया के द्वारा इस पद का उपयोग अपने शराब के कारोबार को बढ़ाने के लिए किया गया। इस दौरान रिंकू भाटिया के द्वारा सरकारी अधिकारी का अपहरण कर उसकी हत्या करने की भी कोशिश की गई। इस घटना के संदर्भ में रिंकू भाटिया को पुलिस के द्वारा गिरफ्तार भी किया गया और जेल भी भेजा गया। इस तरह की आपराधिक गतिविधि में लिप्त होने के कारण रिंकू भाटिया के पद पर होने से गुरु सिंह सभा का नाम खराब होता है।
इन आपत्तियों में यह भी कहा गया कि इस सभा का प्रधान अमृतधारी होना चाहिए । जबकि रिंकू भाटिया अमृत धारी नहीं है । संस्था की नियमावली के अनुसार रिंकू भाटिया इस चुनाव को लड़ने से अयोग्य हैं। रिंकू भाटिया के द्वारा शराब और मांस मछली का सेवन किया जाता है । संस्था के कई सदस्यों के द्वारा रिंकू भाटिया को शराब और मांस मछली का सेवन करते हुए देखा गया है । इस आधार पर रिंकू भाटिया को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए।
यह आपत्ती लगाने वालों में अमरजीत सिंह भाटिया, भूपेंद्र सिंह छाबड़ा , गुरमीत सिंह चड्ढा, हरजीत सिंह भाटिया, हरमीत सिंह टुटेजा , मनजीत सिंह भाटिया, राजा गांधी, राजा सलूजा, रविंद्र सिंह सोनू बग्गा, सतबीर भाटिया और सतपाल सिंह सैनी शामिल हैं ।

