खजराना के निपानिया स्थित जिस बेश कीमती भूमि को वक्फ की संपति होने और उसे भूमाफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने का दावा करने वाले वक्फ बोर्ड की पोल खुलती नजर आ रही है। इस भूमि पर 200 वर्षों से अधिक समय से अपना कब्जा बताने वाले शाह परिवार ने शुक्रवार को मीडिया के सामने खुलासा करते कहा कि उनके परिवार को यह भूमि दिल्ली की मुगल हुकूमत के कहने से इंदौर रियासत के महाराजा होल्कर ने इनाम के रूप में दी थी। शाह परिवार के मुताबिक इस भूमि को वक्फ की भूमि कहना पूर्णता गलत है। 1771 ईस्वी में होलकर सियासत में दिल्ली के मुगल बादशाह के हुक्म पर शाह परिवार को 50 बीघा भूमि दी थी, जिसमें यह भूमि भी शामिल है। 1930 में होल्कर रियासत ने एक बार पुनः परिवार के पक्ष में सनत बनाकर दी। यह भूमि इनाम भूमि थी और तत्कालीन सनद में इसे खुले तौर पर माफी भूमि कहा गया है, यानी होल्कर रियासत ने इस भूमि को लगान सहित समस्त करो से न केवल मुक्त रखा था, बल्कि शाह परिवार को शासकीय खजाने से 30 प्रतिशत महीना देने का प्रावधान भी किया था। शासकीय मिसाल बंदी और खसरा खतौनी में भी शाह परिवार का नाम आज तक इंद्राज है। तब से ही या जमीन शाह परिवार के कब्जे एवं आधिपत्य में है जो आज तक कायम है। शाह परिवार के हाजी मोह मद हुसैन शाह और शाहिद शाह ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि 1771 ईस्वीं से इस जमीन पर शाह परिवार का निर्विवाद कब्ज और आधिपत्य है।
