
अफसर से अंगूठी, मोबाइल छीने, महिला से अभद्रता
बायपास पर बाइक सवार बदमाशों ने कार से घर लौट रहे एक बैंक अफसर और उसके दोस्तों पर हमला कर दिया। फिर चाकू अड़ाकर अफसर की अंगूठी व मोबाइल लूट लिया। इतना ही नहीं, कार में बैठी महिला से अभद्रता की।
बदमाश कार भी ले जाने लगे, लेकिन चली नहीं तो वहीं छोड़ दी। कुछ दूरी पर चेकिंग कर रही पुलिस को अफसर ने जानकारी दी तो उन्होंने बदमाशों को पकड़ने के बजाय थाने जाने की सलाह दे दी। रात को थाने वालों ने टाला और अगले दिन बड़ी मुश्किल से आवेदन लेकर उन्हें रवाना कर दिया।
घटना रविवार देर रात 3 बजे बायपास स्थित देहाती ढाबे के पास की है। अगले दिन लसूड़िया पुलिस ने फरियादी रूपानंद गुर्जर निवासी संचार नगर की शिकायत पर आवेदन लेकर रवाना कर दिया। फरियादी ने बताया कि मैं शहर की एक निजी बैंक के होम लोन डिपार्टमेंट में कार्यरत हूं।
मै रात को अपने दोस्त अजीत और एक महिला साथी के साथ भोजन करने देहाती ढाबे पर गया था। वहां से अपनी कार से घर के लिए निकला। रास्ते में लघुशंका के लिए रुका, तभी दो बाइक पर सवार 5-6 बदमाश आए। तीन ने मुझे पकड़ा और बाकी के कार में पहुंचे। मेरे दोस्त अजीत और महिला साथी को भी कब्जे में ले लिया। इस दौरान महिला साथी से अभद्रता भी करने लगे।
ड्रिंक एंड ड्राइव के नाम पर चेकिंग कर रही थी पुलिस
रूपानंद ने बताया, हमें बायपास पर ड्रिंक एंड ड्राइव की चेकिंग कर रही पुलिस दिखी। हमने उन्हें घटना बताई तो वे बदमाशों की घेराबंदी करने के बजाय हमें लसूड़िया थाने जाने की सलाह देने लगे। हम आगे बढ़े तो फिर एक डायल 100 की जीप मिली। उसके पुलिसकर्मियों को भी बताया तो वे बोले थाने जाओ।
उन्होंने भी थाने जाने के लिए कह दिया। देर रात होने से हम अगली सुबह थाने पहुंचे। यहां थाने के सिपाहियों ने पहले टालने की कोशिश की। फिर एक सिपाही बोला कि आवेदन दे दो। उसने बड़ी मुश्किल से साइन की, लेकिन सील नहीं लगाई। आधा घंटे बाद सील लगाकर आवेदन मुझे दे दिया।
ढाबे से पीछा कर रहे थे बदमाश
बैंक अफसर का कहना है कि हम जहां ढाबे पर भोजन कर रहे थे वहीं ये बदमाश बाइक लेकर खड़े थे। हो सकता है वे वहीं से हमारी रैकी कर रहे थे। मालूम हो, 7 अगस्त को ऐसे ही एक मामले में निजी यूनिवर्सिटी के होस्टल इंचार्ज श्याम शुक्ला के साथ कार सवार बदमाशों ने लूट की थी।
bबदमाशों ने दोनों साथियों को कार से उतारा। गले पर चाकू अड़ाकर अंगूठी छीनी। एक बदमाश कार में बैठा। दूसरे ने कार की नंबर प्लेट निकाली। उन्होंने कार स्टार्ट की, लेकिन किसी कारण वश ज्यादा दूर नहीं चली, तो उसमें रखा मोबाइल निकाल लिया। जाते-जाते कार पर शराब की बॉटल फेंककर आगे का कांच फोड़ दिया।
पुलिसवालों की जांच करेंगे
जिन पुलिस वालों ने लापरवाही की है, उनकी जांच करेंगे। यदि लापरवाही मिली तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- अमरेंद्र सिंह, एडिशनल डीसीपी जोन- 2

