
इंदौर से सटे ग्रामीण इलाके में बदमाशों ने तीन दिन के अंदर ही एक और आश्रम को अपना निशाना बनाया है। दोनों ही वारदातों में बरमूडा गैंग का हाथ सामने आ रहा है। महंग अमृत गिरी बापू के आश्रम में घुसे बदमाशों ने पहले सेवादार को पीटा और फिर उससे कुटिया खुलवाई। कुटिया खुलते ही अंदर मौजूद बापू पर हमला कर दिया।
इंदौर के सांवेर क्षेत्र में नागपुर गांव में वारदात।
पहले वैष्णोदेवी आश्रम को बना चुके हैं निशाना।
इन दोनों आश्रमों के बीच की दूरी 20 किमी है।
इंदौर। अलवासा के श्री मां वैष्णोदेवी धाम शक्तिपीठ संत सेवा आश्रम में हुई डकैती की वारदात अभी सुलझी भी नहीं थी कि बदमाश 20 किमी दूर स्थित एक और आश्रम में डाका डालकर फरार हो गए। ग्रामीण क्षेत्र के आश्रमों में तीन दिन के अंदर डकैती की दूसरी वारदात है।
दोनों वारदातों में एक ही गिरोह का हाथ सामने आया है। ये आश्रम में वारदात के दौरान नशीला पदार्थ चरस और गांजा भी ढूंढते हैं। सांवेर और बाणगंगा पुलिस की संयुक्त टीम जांच में जुटी है। बाणगंगा टीआई लोकेशसिंह भदौरिया के मुताबिक, घटना सांवेर थाना अंतर्गत ग्राम नागपुर की है।
गैंग के पांच बदमाश हथियार लेकर घुसे थे
गांव में हरिओम कुटी हनुमान चौकी के नाम से महंत अमृत गिरी बापू का आश्रम बना है। शुक्रवार रात करीब दो बजे बरमूडा गैंग के पांच बदमाश हथियार लेकर आश्रम में घुस गए। सबसे पहले सेवादार जितेंद्र जैन को डंडे मारे और कब्जे में कर लिया।
हत्या की धमकी दी और जितेंद्र से कहा कि बापू को उठाओ। पूछे तो बता देना कि पेट दुख रहा है। डरे-सहमे जितेंद्र ने बापू को उठाया और बदमाश कुटिया में घुस गए। बापू पर टामी से हमला बोला और सेवादार के साथ हाथ-पैर बांधकर एक तरफ पटक दिया।
20 हजार रुपये, सोने की बाली और मोबाइल लूटा
कुटिया में रखे बैग, बिस्तर और बर्तन की तलाशी ली और करीब 20 हजार रुपये, सोनी की बाली व मोबाइल लूट लिए। बदमाश धमकाते हुए फरार हो गए। सुबह पुलिस पहुंची और आसपास के क्षेत्र की तलाशी ली। मोबाइल तो खेत में पड़ा हुआ मिल गया। सांवेर पुलिस ने घायलों का मेडिकल परीक्षण करवाकर केस दर्ज किया।
चरस का पूछा और गांजा लूट ले गए
घायल महंत अमृत गिरी बापू ने पुलिस को अपने बयानों में बताया कि बदमाश चड्डी-बनियान और बरमूडा पहनकर आए थे। उन्होंने चेहरों को नकाब और कपड़ों से ढंक रखा था। आरोपितों ने उनसे चरस के बारे में भी पूछा था। बापू ने कहा कि चरस तो नहीं है, गांजा रखा है। इसके बाद आरोपित गांजे की पुड़िया ले गए।
अलवासा में भी बदमाशों ने महंत कमल दास से स्मैक के बारे में पूछा था। पुलिस पहले ग्रामीण क्षेत्र के बदमाशों का हाथ मानकर चल रही थी, लेकिन अब जांच बाग-टांडा के गिरोह पर जाकर टिक गई है। दोनों आश्रमों में महज 20 किलोमीटर की दूरी है। पुलिस ने अपनी जांच आगे बढ़ाते हुए बदमाशों की खोजबीन शुरू की है।

