अंतिम चौराहा पर हुए गोलीकांड में नया मोड़ आ गया है। फरियादी ही इस गोलीकांड का मास्टरमाइंड निकला। 500 करोड़ से ज्यादा कीमत की जमीन के विवाद में उसने खुद ही गोली चलवाई थी। उसका मकसद अपने चाचा को जानलेवा हमले के आरोप में जेल भिजवाना था।
27 जून को मल्हारगंज थाना अंतर्गत अंतिम चौराहा पर पुणे के गणेश पर गोली चली थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कार के आधार पर सिद्धार्थ और शैलेष को उज्जैन से गिरफ्तार किया था इस दौरान गणेश के चाचा संतोष से 20 लाख रुपये में सुपारी लेकर गोली चलवाने कि बात सामने आई थी संतोष से दोनों आरोपितों ने पांच लाख रुपये एडवांस में लिए थे।घटना की कड़ियां जोड़ने के लिए पुलिस ने पूरी घटना का नाट्य रूपांतरण करवाया। बयानों में अंतर मिलने पर शक की सुई गणेश पर टिक गई। वहीँ पुलिस ने आरोपित संतोष को पुणे से हिरासत में ले लिया। संतोष ने बताया कि वह सिद्धार्थ और शैलेष से कभी मिला ही नहीं। इससे शक पुख्ता हो गया और पुलिस ने सोमवार को गणेश को हिरासत में ले लिया। इस मामले में नया मोड़ यह है कि जिस व्यक्ति पर गोली चली, वही इस साजिश का मास्टरमाइंड था। पुलिस की जांच और घटना के नाट्य रूपांतरण के बाद सच्चाई सामने आई।
