
मध्यप्रदेश के बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज घोटाला मामले में एक और कार्रवाई हुई है। मप्र नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल की तत्कालीन रजिस्ट्रार सुनिता शिजू के बाद अब तत्कालीन रजिस्ट्रार चंद्रकला दिवगैया की सेवा भी समाप्त कर दी गई है। अपात्र नर्सिंग कॉलेजों को दी गई मान्यता में अनियमितताओं को लेकर ये कार्रवाई की गई है। जिसमें बताया है कि ऐसे कॉलेजों को दी गई मान्यता में की गई अनियमितताओं के कारण विद्यार्थियों और आम लोगों के सामने शासन और विभाग की छवि ध्वस्त हुई है। बहुत से छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया है। जिससे वर्ष 2021 से 2023 तक जांच प्रकरणों के चलते परीक्षा न होने से प्रदेश के नर्सिंग छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में चला गया।
7.59 करोड़ रुपए के गबन का शासकीय कर्मचारी बर्खास्त
भोपाल की सेंट्रल जेल में बंद शासकीय कर्मचारी राम सिंह रायपुरिया को बर्खास्त कर दिया गया है। उस पर 7.59 करोड़ रुपए के गबन का आरोप है। रायपुरिया नगरीय विकास एवं आवास विभाग में सहायक वर्ग 3 के पद पर पदस्थ थे। आदेश में बताया गया कि विभागीय जांच प्रतिवेदन में सामने आया है कि गबन के लिए 33 कूटरचित पत्र तैयार किए गए और तत्कालीन संयुक्त संचालक और अपर संचालक अनिल कुमार गोंड के कूटरचित हस्ताक्षर का उपयोग किया गया। जिसके बाद रायपुरिया ने 7 करोड़ 59 लाख 51 हजार की राशि स्वयं और रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर कर दी।
दरअसल, रामसिंह रायपुरिया ने प्रदेश के नगरीय निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए संचालित राष्टीय पेंशन योजना के बचत खातों की राशि का गबन किया था। उनके खिलाफ धारा 406, 409, 420, 467, 468 एवं 471 के अंतर्गत FIR दर्ज की गई थी। जिसका प्रकरण न्यायालय में जारी है।
