जल गंगा अभियान की शुरावत 5 जून से की गई थीं जिसका समापन आज मुख्य मंत्री मोहन यादव द्वारा शहर के भंवरासला के अनुपयोगी तालाब को उपयोगी बनाने, जल क्षमता बढ़ाने तथा उसके सौंदर्यीकरण के लिये श्रमदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागरिकों का आव्हान किया है कि वे समय की जरूरत को पहचान कर पानी के अपव्यय को रोके तथा जल का अधिक से अधिक संचय करें। पर्यावरण सुधार के लिये अधिक से अधिक वृक्षारोपण भी किया जाये। डॉ. यादव ने कहा कि गिरता हुआ भू-जल स्तर चिंता का विषय है। भू-जल स्तर में वृद्धि के लिये सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। समय की जरूरत को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान प्रारंभ किया गया है।
वही मीडिया से चर्चा में में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में जल गंगा अभियान का 5 जून से प्रारंभ हुआ था जो सोलह जून को समापन कार्यक्रम बना था,मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे अभियान के लिए पचपन जिलों के सभी जनप्रतिनिधिगण सभी विधायक, सांसद, मंत्री ओर सभी महापौर नगर पालिका जिला पंचायत अध्यक्ष सारे दायित्व लोगो ने और पूरे समाज ने इस में जनभागीदारी कि मैं सबका आभार मानता हूं,सीएम ने कहा कि इंदौर के भोरासला में आज यह बहुत सुंदर अनूठा प्रयोग किया यहां ग्रामीण जल संरचना तालाब के तहत गहरीकरण व सौंदर्य का और कनाड़िया-1कनाड़िया-2 ओर बिलावली सभी तालाबों का संरक्षण का काम किया, मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग सत्रह बावड़ीयो ओर एक सौ पंद्रह कुओं का सिलेक्शन किया उम्मीद करेंगे जल गंगा अभियान का समापन भले हो जाए लेकिन जल संरचनाओं का संवर्धन का काम शासन के माध्यम से हम लगातार करते रहेंगे लगभग तीन हजार करोड़ से ज्यादा की धनराशि हमने मंजूर किए और जल ही जीवन है इस सिद्धांत को मानते हुए
