
खजराना क्षेत्र में एक भाजपा नेता के तीन मंजिला मकान में लंबे समय से चल रहे सट्टे के अड्डे का पुलिस ने भंडाफोड़ किया। यहां 24 घंटे अंकों व ताश-पत्तों का सट्टा संचालित किया जा रहा था। लंबे समय से डीसीपी को सूचना मिल रही थी। उन्होंने टीआई को चेतावनी भी दी थी, फिर भी सट्टे का अड्डा बंद नहीं हुआ। इस पर डीसीपी ने दो अन्य क्षेत्र के आईपीएस अधिकारियों की दो टीम बनाकर दबिश दी।
मौके से 11 लाख 77 हजार रुपए जब्त किए। वहीं संचालक आलम मंसूरी और उसके पिता सलीम मंसूरी सहित 5 लोगों को गिरफ्तार कर केस दर्ज कराया। सट्टे के अड्डे पर पकडाए आरोपी सलीम (65) पिता रसूल मंसूरी, उसका बेटा आलम मंसूरी (35) निवासी अशरफी नगर, रईस (46) पिता मुंशी खान, इरफान (23) पिता सत्र पटेल और यूसुफ (34) पिता जफर खान निवासी अशरफी नगर हैं। इनके पास 8 मोबाइल फोन, 9 बंडल सट्टा पर्चियां मिली हैं।
डीसीपी जोन-2 अभिनय विश्वकर्मा ने बताया दबिश अशरफी नगर स्थित तीन मंजिला मकान में दी गई। यह अड्डा भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा से जुड़े नेता सलीम मंसूरी का है। मंसूरी द्वारा बेटे आलम के माध्यम से सट्टे का संचालन करवाया जा रहा था। तीनों मंजिलों पर सट्टा खेलने के लिए अलग-अलग कमरे मौजूद थे। कुछ समय पूर्व ही थाना प्रभारियों की बैठक में डीसीपी विश्वकर्मा ने सट्टे को लेकर थाना प्रभारियों को चेतावनी दी थी, फिर भी कार्रवाई नहीं की। अब टीआई सहित पूरे थाने के स्टाफ की भूमिका की जांच की जा रही।
सट्टा चलाने वालों को भनक तक लगने नहीं दी
सूत्रों के मुताबिक भाजपा नेता सलीम मंसूरी द्वारा खजराना थाने के पुलिसकर्मियों से सांठगांठ कर अड्डे का बेखौफ संचालन किया जा रहा था। इसलिए डीसीपी विश्वकर्मा ने खजराना थाने के स्टाफ को जानकारी दिए बिना एसीपी विजय नगर कृष्णलाल चंदानी और एसीपी परदेशीपुरा नरेंद्रसिंह रावत को कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
दोनों एसीपी थाना एमआईजी और परदेशीपुरा टीआई के साथ उन्हीं के थानों के जवानों को लेकर दबिश देने खजराना पहुंचे तो सट्टा चलाने वालों को भनक तक नहीं लगी। दोनों थाना प्रभारियों सहित आईपीएस की टीम मंसूरी के पूरे मकान को घेरकर हर कमरे में पहुंचे तो सट्टा खेलते लोग मिले।
खुद को विधायक का खास बताता है मंसूरी
आरोपी सलीम मंसूरी खुद को विधायक महेंद्र हार्डिया का करीबी बताता है। उन्ही के नाम का इस्तेमाल कर यह बेखौफ सट्टे का संचालन कर रहा था। थाने के जवान भी इसलिए इसके अड्डे को देखते तक नहीं थे। बताते हैं नेताओं की आड़ लेकर इसने बड़े पैमाने पर अड्डे का संचालन रातभर के लिए कर लिया था। आरोपियों पर इलाके में अवैध रूप से शराब बिकवाने की भी
शिकायतें अफसरों तक पहुंची।
समर्थक तो कोई भी हो सकता है। उसके बारे में ये जरूर पता है कि वह पार्टी का बूथ एजेंट है। किसी के भी गलत काम को कभी भी सपोर्ट नहीं किया, न करूंगा।

