
जी, हां अब इंदौर कलेक्टर अपनी हमेशा रिसर्चर एवं विद्यार्थी की तरह हर कार्य को सीखने की चाहत रखते है।
कार्य को कभी तनावपूर्ण तरीके से नही करना यही उनकी विशेषता भी है। इसलिए अपने व्यस्त समय में भी पढ़ाई को महत्वपूर्ण माना है।
जीवन प्रबंधन के साथ तनाव मुक्त कार्य केसे किया जाता है। यह बात वे जहां जहां भी रहे उनके अधीनस्थ अधिकारी और कर्मचारी अच्छे से समझते है।
पीएचडी की एंट्रेस एग्जाम उनके द्वारा दी गई है। इसलिए वे अब महत्वपूर्ण विषय पर रिसर्च कर डॉक्टरेट की उपाधि भी प्राप्त करेंगे।।
