
मसालों पर कई देशों में प्रतिबंध लगने के बाद इंदौर में भी इसके खिलाफ अभियान शुरू हो गया है। जांच के नमूने में एथिलिन आक्साइड की मात्रा अधिक पाई गई थी। इसके बाद मद्रास करी मसाला, सांभर मसाला, फिश करी मसाला सहित अन्य मसालों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
- कई देशों में प्रतिबंध के बाद इंदौर में भी मसालों की जांच शुरू
- शहर में करीब 40 मसालों के कारखाने
- सात निर्माता विदेश में भी करते हैं निर्यात
इंदौर : नामी कंपनियों के मसालों पर कई देशों में प्रतिबंध लगने के बाद इंदौर में भी इसके खिलाफ अभियान शुरू हो गया है। खाद्य विभाग की टीम मसालों के नमूने ले रही है। अभी तक 40 से अधिक मसालों के नमूने लिए जा चुके हैं। उन्हें जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया है। मालूम हो कि शहर में मसाले बनाने के 40 कारखाने हैं, वहीं सात ऐसे निर्माता हैं, जो प्रदेश के अलावा देश-विदेश में निर्यात करते हैं। दरअसल, सिंगापुर में नामी कंपनियों के मसालों की जांच में कीटनाशक पाया गया था, इसके बाद इनकी बिक्री पर प्रतिबंधित कर दिया गया है। वहीं हांगकांग में भी इनपर प्रतिबंध लगा दिया है। कई देशों ने मसालों की जांच शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि यहां हुई जांच के नमूने में एथिलिन आक्साइड की मात्रा अधिक पाई गई थी। इसके बाद मद्रास करी मसाला, सांभर मसाला, फिश करी मसाला सहित अन्य मसालों पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बाद फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथारिटी आफ इंडिया (एफएसएसएआइ) ने पूरे देश में मसालों की जांच के आदेश जारी किए हैं। इसके बाद जिला प्रशासन ने तीन टीमों का गठन किया है, जो शहर में मसालों के नमूने ले रही हैं। यह जांच अभियान 30 मई तक चलाया जाएगा। खाद्य विभाग की टीम शहर के ब़ड़े निर्माताओं के साथ ही छोटे निर्माताओं के मसालों के भी नमूने ले रही है।
अभी तक नहीं होती थी कीटनाशक की जांच
उल्लेखनीय है कि अभी तक शहर से नमूने लेकर जो भोपाल स्थित प्रयोगशाला में भेजे जाते थे। उनमें कीटनाशक की मिलावट की जांच नहीं होती थी, लेकिन अब इसकी जांच के लिए शासन द्वारा अधिकृत लैब में कीटनाशक सहित अन्य रसायनों का पता लगाने के लिए भेजी जाएगी। यदि इन मसालों में मिलावट पाई जाती है तो इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि कीटनाशक सेहत के लिए हानिकारक होता है। इससे गंभीर बीमारियां होने का खतरा बना रहता है।
एफएसएसएआइ से मिले निर्देश के बाद शहर में मसालों की जांच के लिए अभियान शुरू कर दिया है। अभी तक 40 से अधिक नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए गए हैं। यह अभियान 30 मई तक चलाया जाएगा।
- मनीष स्वामी, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी

