
बुधवार को महाराष्ट्र के लातूर में सड़क हादसे में चारों की हो गई थी मौत, सैकड़ों रिश्तेदारों और व्यापारियों ने दी अंतिम विदाई।
इंदौर के दो कपड़ा कारोबारी और उनके दो सेल्समैन की लातूर में ट्रक की टक्कर से हो गई थी मौत।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चारों कार में ही फंसे रह गए थे। कार के पुर्जे काटकर शव निकाले।
इंदौर में निकली अंतिम यात्रा में राजवाड़ा, तिलकपथ, पीरगली, क्लाथ मार्केट के व्यापारी शामिल हुए।
इंदौर। दो कपड़ा कारोबारियों और उनके दोनों सेल्समैन के शव एक साथ मुक्तिधाम पहुंचे तो लोग आंसू नहीं रोक पाए। चारों की बुधवार को लातूर (महाराष्ट्र) में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। एक कारोबारी को बेटियों ने जबकि सेल्समैन को मासूम बेटे ने मुखाग्नि दी।
मल्हारगंज निवासी संजय जैन (माही शर्ट्स वाले), संजय जैन निवासी पीरगली (कंफर्ट जींसवाले), संतोष जैन निवासी कमाठीपुरा और दीपक उर्फ सचिन जैन निवासी अशोक नगर स्मृति नगर की बुधवार को लातूर में ट्रक की टक्कर से मौत हो गई थी। गुरुवार को चारों की अंतिम विदाई भी एक साथ ही हुई। निवास स्थल से निकली शवयात्रा अंतिम चौराहे पर एकत्र हुई तो शवयात्रा में रह-रहकर सिसकियां गूंजने लगीं। माही शर्ट्स वाले संजय जैन को उनकी बेटी माही और रिया ने मुखाग्नि दी, जबकि दीपक को बेटे से मुखाग्नि दिलवाई गई। मूलत: अनंतपुरा (सागर) निवासी दीपक अशोक नगर स्मृति नगर में रहते थे। वे वाहन चलाने के साथ सेल्समैन के रूप में भी काम करते थे।
जैन संतों को आहार करवाकर निकले थे चारों
शवयात्रा में राजवाड़ा, तिलकपथ, पीरगली, क्लाथ मार्केट के व्यापारी, चंद्रप्रभ दिगंबर जैन परवार समाज सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए। समाजजन ने बताया कि दोनों संजय धार्मिक प्रवृति के थे। एक ही व्यापार होने से दोनों जुड़े थे। उनमें गहरी दोस्ती भी थी। करीब एक महीने पूर्व विहार पर आए विश्वसागर महाराज के बारे में जानकारी मिली थी कि महाराज पुणे जा रहे हैं। चारों ने व्यापार के सिलसिले में टूर निकाला और तय किया कि महाराज के दर्शन भी कर लेंगे। बुधवार को उन्होंने महाराज से मुलाकात की और आहार दिया। लातूर में निलंगा उद्गीर मार्ग पर कार की ट्रक से भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चारों कार में ही फंसे रह गए। शवों को निकालने के लिए कार के पुर्जे काटने पड़े।
पहले व्यापारी की मदद से व्यापार किया फिर खुद का कारखाना
हादसे में मृत संजय जैन (माही शर्ट्स) मूलत: सागर जिले के अनंतपुरा गांव के हैं। करीब 12 वर्ष पूर्व परिवार सहित इंदौर बस गए थे। पहले दूसरे व्यापारियों की मदद से व्यापार किया, लेकिन बाद में स्वयं का कारखाना डाल लिया। संजय जैन (कंफर्ट जींस) रेडीमेड कपड़ा बाजार में प्रतिष्ठित नाम रहा है। उनके दो बेटे तन्मय और मनन हैं। वे भी करीब 15 साल पूर्व सागर से इंदौर आए थे।
