गुरुवार को इंदौर नगर निगम मुख्यालय में परिसर की बैठक नए भवन में आयोजित की गई जिसमें पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन भी शामिल हुई आपको बता दें इस दौरान कांग्रेस के निगम नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने इस नए निगम परिषद में बने सदन का नाम महाजन का नाम बदलकर अटल सदन करने पर आपत्ति जताई थी, जिस पर पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने चिंटू चौकसे और कांग्रेस को जवाब देते हुए कहा कि मैं अभी जिंदा हूं।
वीओ- सुमित्रा महाजन ने इंदौर की खराब सड़को को लेकर कहा मुझे लगता है कि है कि मेरी टिप्पणी महापौर के पास पहुंच गई है वह भी रोजाना पेपर पढ़ते हैं और तुरंत उन्होंने सड़कों को लेकर एक्शन लेना शुरू कर दिया है उन्होंने कहा कि बीच में कुछ लोग स्मार्ट सिटी के कार्य तेजी से कर रहे हैं उन्होंने कहा कि अब मैं उस भूमिका में आ गई हूं चाहे पक्ष हो या विपक्ष हो सभी समान है, उन्होंने कहा कि सड़कों को लेकर मेरे जो टिप्पणी की है उसे पर महापौर ने तुरंत एक्शन के लिए मेरे घर आकर मुझसे इस बारे में चर्चा।
वही उन्होंने कहा कि निगम समिति की बैठक में अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहां के इंदौर नगर निगम छोटी चीज नहीं रही है यह पूरा नगर का विस्तार कर रहे हैं और इसमें कई सारी चीज उनके क्षेत्र में आ रही है इसलिए पार्षदों का विजन भी बड़ा होना सुमित्रा महाजन कहा कि आज की समिति बैठक में निगम से संबंधित जो जो आवश्यक है उसे विषय पर मैंने अपनी बात रखी है।इस दौरान उन्होंने महापौर पुष्यमित्र भार्गव की तारीफ करते हुए कहा कि महापौर समझदार है और एडवोकेट भी है उन्होंने इंदौर शहर में किया है मुझे विश्वास है कि दोनों मिलकर पार्षद और महापौर मिलकर अच्छा सदन चलाएंगे।
वही निगम परिसर में बने नए सदन का नामकरण के पूछे गए सवाल पर सुमित्रा महाजन ने कहा कि नाम का भी काफी प्रभाव होता है अटल सदन इसका नाम रखा है तो हो सकता है कि उसका भी एक प्रभाव हो ऐसा मैं मानती हूं वहीं उन्होंने कहा कि मैं निर्देश देने के सक्षम में नहीं हूं एक सीनियर सिटीजन या वरिष्ठ नेता के अनुभव के तहत उन्हें जानकारी दे सकती हूं, वही निगम परिसर में छोटी-छोटी बातों को लेकर हंगामा को लेकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि छोटे-मोटे हंगामे में परिसर में होते रहना चाहिए उससे लोगों की ऊर्जा बाहर आती है लेकिन बाद में शांति से किसी भी प्रस्ताव पर चर्चा करना चाहिए, उन्होंने कहा कि जब मैं खुद स्पीकर रही हूं रोज-रोज हंगामा परिसर में नहीं होना चाहिए लेकिन कभी कबार ऐसी बातें होती है तो थोड़ा सा हंगामा हो जाए लेकिन तुरंत उसे समाप्त भी कर देना चाहिए।वह सुमित्रा महाजन ने नगर निगम मुख्यालय में बने नए परिसर भवन को लेकर कहा कि इसका नाम अटल सदन दिया है और मुझे यह अच्छा लगा ।

