
- होम आइसोलेशन से डिस्चार्ज होने के बाद आई रिपोर्ट। गुरुवार को एक अन्य मरीज भी मिला।
- पिछले एक माह में पाजिटिव पाए गए करीब 32 सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजे गए हैं।
- इनमें से अभी केवल एक ही रिपोर्ट मिली है, जिसमें ओमिक्रान के सब वैरिएंट जेएन.1 का पुष्टि हुई।
- शहर में फिलहाल कुल नौ एक्टिव मरीज है, जिन्हें होम आइसोलेशन में रखा गया है।
इंदौर। मध्य प्रदेश का पहला ओमिक्रान के सब वैरिएंट जेएन.1 का मरीज इंदौर में मिला है। यह 33 वर्षीय महिला के सैंपल में पाया गया, जो मालदीव से लौटी थी और 12 दिसंबर को जांच में कोविड पाजिटिव आई थी। हालांकि मरीज को होम आइसोलेशन में रखा गया था और पूरी तरह से ठीक होने के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया था।
एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. अमित मालाकार के मुताबिक, पिछले एक महीने में पाजिटिव पाए गए करीब 32 सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए एम्स भोपाल भेजे गए हैं। परीक्षण के लिए भोपाल भेजे गए सभी सैंपल में से अभी तक केवल एक की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। 33 वर्षीय महिला को सर्दी-खांसी जैसे हल्के लक्षण थे, जिसके बाद वह और उसके परिवार के एक सदस्य की निजी लैब में जांच हुई थी, जिसमें दोनों पाजिटिव पाए थे।
इंदौर में अभी नौ एक्टिव मरीज
जिला महामारी विशेषज्ञ डा. अंशुल मिश्रा ने बताया कि महिला मरीज मालदीव से लौटी थी। उन्हें होम आइसोलेशन में रखा गया था और सात दिनों के बाद उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आने पर डिस्चार्ज कर दिया था। वे पहले भी मुंबई जा चुकी थी। वहीं गुरुवार को एक 21 वर्षीय व्यक्ति भी कोविड पाजिटिव पाया गया है। शहर में कुल नौ एक्टिव मरीज है। जिन्हें होम आइसोलेशन में रखा गया है।
घबराने की जरूरत नहीं
एमजीएम मेडिकल कालेज के डीन डा. संजय दीक्षित ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह विशेष स्ट्रेन हल्की बीमारी का कारण बनता है। हालांकि, यह महत्वपूर्ण है कि संवेदनशील आबादी, बुजुर्गों, मोटापे से ग्रस्त और क्रानिक आब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी), मधुमेह, कैंसर और अन्य लोगों की देखभाल की जाए। भीड़-भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें, मास्क का उपयोग करें, कोविड की जांच कराएं।
ओमिक्रान के बीए.2.86 सब वैरिएंट का मरीज भी मिला
गुरुवार को शहर में 52 साल के एक व्यक्ति के सैंपल में ओमिक्रान का बीए.2.86 सब वैरिएंट भी पाया गया। सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग श्री अरबिंदो इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज में की गई थी। डा. महक भंडारी ने बताया कि एक मरीज की सर्दी, खांसी होने पर कोरोना जांच की, जिसमें वह पाजिटिव पाया। हमने जिनोम सिक्वेंसिंग की तो उसमें बीए.2.86 वैरिएंट मिला है। यह कोरोना का नया वैरिएंट है। इसमें कोई डरने की बात नहीं है।

